scorecardresearch
 

अमेरिका-चीन का खेल... अचानक सोना हुआ इतना महंगा, क्‍या करें?

अमेरिका के जॉब डाटा में कटौती होने के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्‍याज दरों में कटौती की उम्‍मीदें कम हो गई हैं, जिस कारण सोने-चांदी के दाम में उछाल आई है. चीन ने भी सोने की खरीद बढ़ा दी है.

Advertisement
X
चीन में सोने को लेकर जबरदस्‍त खरीद. (Photo: File/ITG)
चीन में सोने को लेकर जबरदस्‍त खरीद. (Photo: File/ITG)

भारत में सोने की डिमांड में कमी आई है, जिस कारण कीमतें नीचे आई थी. लेकिन अब सोने-चांदी के भाव में तेजी देखी जा रही है, जिस कारण सोने और चांदी के दाम में उछाल आया है. इस बीच रॉयटर्स ने कहा है कि ज्वेलर्स खरीदी कर रहे हैं लेकिन अस्थिर कीमतों को लेकर सावधान भी हैं. 

हालांकि, चीन ने सोना खरीदने को लेकर डिमांड़ बड़ा दी है. शुक्रवार को सोने की कीमत 2000 रुपये चढ़कर 1,47,773 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है. पिछले कुछ दिनों में इसमें 7000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है. मंगलवार को यह कीमत 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी. 

इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी के दाम? 
इंटरनेशनल मार्केट में सोने की बात करें तो यहां सोने का भाव पिछले 5 हफ्तों में पहली बार बढ़त की ओर बढ़ रहा है. स्‍पॉट मार्केट में सोने की कीमत 4,184.75 डॉलर प्रति औंस है. वहीं अगस्‍त में डिलीवरी वाला गोल्‍ड फ्यूचर प्राइस 4,197.20 डॉलर प्रति औंस पर है. 

बुलियन मार्केट में कितना चढ़ा सोना-चांदी 
ग्‍लोबल और कमोडिटी मार्केट में सोने-चांदी के दाम में तेजी के साथ ही बुलियन मार्केट में भी सोने-चांदी के दाम में तेजी देखी जा रही है. करीब एक हफ्ते के दौरान सोना रिकवर होकर 7000 रुपये और चांदी करीब 16000 रुपये चढ़ चुकी है. 

Advertisement

सोना के दाम क्‍यों चढ़े? 
अमेरिका में नौकरियों का डेटा उम्मीद से कमजोर रही हैं. जिस कारण फेडरल रिजर्व द्वारा निकट अवधि में ब्याज दरें बढ़ाए जाने को लेकर चिंता कम हो गई है. इससे सोने की कीमत को सपोर्ट मिला है. अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स का कहना है कि जून में नॉन-फार्म पेरोल में 57,000 नौकरियां बढ़ीं. 

चीन में सोने को लेकर बढ़ी डिमांड़ 
चीन में इस हफ्ते सोना इंटरनेशनल प्राइस के मुकाबले कभी समान भाव पर तो कभी 2 डॉलर प्रति औंस तक सस्ते में बिक रहा था. पिछले हफ्ते यह 3 से 7 डॉलर प्रति औंस तक डिस्‍काउंट पर बिक रहा था. डिस्‍काउंट पर कम होना इस बात का संकेत है कि खरीदर पहले की तुलना में थोड़ा ज्‍यादा एक्टिव हुए हैं. इस कारण विक्रेताओं को ज्‍यादा छूट देने की आवश्‍यकता नहीं हुई है.  

निवेशकों को क्‍या करना चाहिए? 
कमोडिटी मार्केट के जानकारों का कहना है कि अगर आप सोने चांदी में निवेश की प्‍लानिंग कर रहे हैं तो आप किसी भी गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा करके गोल्‍ड-सिल्‍वर को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं. अचानक तेजी देखकर बड़ी खरीदारी से बचना चाहिए. लॉन्‍गटर्म नजरिए से गोल्‍ड-सिल्‍वर ईटीएफ में एसआईपी छोटे निवेशकों के लिए एक अच्‍छा विकल्प हो सकता है. 

Advertisement

(नोट- किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement