अमेरिका-ईरान युद्ध (US-Iran War) ने दुनिया के तमाम देशों में एलपीजी गैस संकट को बढ़ाने (LPG Crsis) का काम किया है. इस ग्लोबल तनाव का सीधा और बड़ा असर पाकिस्तान पर देखने को मिला है, जहां एलपीजी की किल्लत से बुरा हाल है. आम जनता पर लगातार महंगाई की मार पड़ रही है और शहबाज शरीफ सरकार के पास राहत देने के लिए कोई प्लान नहीं है. पड़ोसी देश में अब एक बार फिर एलपीजी पर महंगाई का बम फूटा है, जिसने कराची में लोगों के घरेलू बजट को बिगाड़ दिया है.
कराची में LPG की कीमतें सरकारी दर से लगभग दोगुनी हो गई हैं, जो साफतौर पर एलपीजी ग्राहकों को राहत देने के सरकार के प्रयासों की विफलता को उजागर करती हैं. ताजा अपडेट के तहत Pakistan LPG Price Hike पर नजर डालें, यहां रसोई गैस की कीमतों में सीधे 50 पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी की गई है.
PAK में 1 किलो LPG का प्राइस अब इतना
पाकिस्तान के कराची के निवासियों के घरेलू बजट पर एक और बड़ा झटका लगा है. एजेंसी रिपोर्ट में 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के हवाले से ये जानकारी शेयर की गई है, कि Karachi में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल (LPG Price Hike) आया है. महज 24 घंटों के भीतर इसका दाम 50 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दिया गया है. इस ताजा इजाफे के बाद अब पाकिस्तानी बाजार में LPG Price 550 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है.

एलपीजी प्राइस हाइक का ईरान कनेक्शन
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक, पाकिस्तान के बाजारों में एलपीजी के दाम बढ़ने के पीछे ईरान कनेक्शन है. सूत्रों ने बताया कि ईरान से LPG की खेप कराची के बाजारों तक नहीं पहुंच पाई है. इससे आपूर्ति में भारी कमी दर्ज की गई है. इसी बात का फायदा उठाकर स्थानीय गैस मार्केटिंग कंपनियां ग्राहकों से मनमानी कीमतें वसूल रही हैं. ईरान से LPG आयात में आ रही दिक्कतों ने आपूर्ति की स्थिति को और जटिल बना दिया है, जिससे उपभोक्ताओं को महंगी घरेलू आपूर्ति पर निर्भर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
बता दें कि पाकिस्तान ने बीते 17 अक्टूबर को ईरान सीमा बंद की थी, जिससे एलपीजी आयात ठप पड़ गया. बीते दिनों एलपीजी सिलेंडर की कीमतें 4500 से 8200 रुपये पहुंच गई हैं. अब इसमें स्थानीय गैस कंपनियां और भी बढ़ोतरी करने में लगी नजर आ रही हैं.
गैस की बिक्री झटके में 50% कम
एलपीजी विक्रेताओं का कहना है कि मार्केटिंग कंपनियां बहुत ऊंची दरों पर गैस दे रही हैं, जिससे उनके लिए अपना कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है. कई विक्रेताओं ने बताया कि कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद उनकी बिक्री में 50 फीसदी तक की गिरावट आई है, क्योंकि बढ़ती लागत के कारण ग्राहकों ने खरीदारी कम कर दी है. हालांकि, जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा नहीं है, उनके पास किसी दूसरे ईंधन को चुनने का कोई विकल्प नहीं है.

संकट बड़ा है, लेकिन क्या करें ग्राहक?
LPG Price Hike को लेकर पाकिस्तानी ग्राहकों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बावजूद उनके पास LPG खरीदने के अलावा कोई चारा नहीं है. रिपोर्ट की मानें, तो गैस का यह संकट (LPG Crisis) जीवन-यापन की लागत में व्यापक वृद्धि की चिंता भी पैदा कर रहा है. दरअसल, ईंधन का खर्च बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट, तंदूर के उत्पादों और बेकरी के सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं, जिससे पूरे क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर बोझ पड़ेगा.
मार्केट एक्सपर्ट्स भी कह रहे हैं कि अगर ईरान से पाकिस्तान के लिए एलपीजी आपूर्ति बाधित रहती है और सरकार व अधिकारी प्रभावी कदम नहीं उठाते हैं, तो स्थिति और भी खराब हो सकती है. उन्होंने कहा कि सख्त निगरानी और नियमों के लागू न होने से आपूर्तिकर्ता और मार्केटिंग कंपनियां लगातार सप्लाई में कमी का फायदा उठाना जारी रख सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा और कमजोर हो जाएगी.