'चायवालाज़' के फाउंडर रोहित शर्मा ने शनिवार को राजस्थान के दौसा स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है. उनकी उम्र सिर्फ 30 साल थी. उन्होंने 17 साल की उम्र में पढ़ाई के दौरान ही 'स्टार्टअप' की शुरुआत की थी और धीरे-धीरे करके कई शहरों में फैलाया था.
पीटीआई ने पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि साकेत कॉलोनी निवासी शर्मा शनिवार दोपहर अपने घर में फांसी पर लटके पाए गए. परिवार के सदस्यों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें नीचे उतारा और जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है. उन्होंने आगे कहा कि मौत का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है. शर्मा के परिवार में उनकी पत्नी हैं, जो एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती हैं, और उनका सात साल का बेटा है. उनके पिता, हितेंद्र मोहन शर्मा, दौसा में एक मेडिकल स्टोर चलाते हैं. पुलिस ने बताया कि अभी इस मामले में जांच की जा रही है.
17 साल की उम्र में खोली थी कंपनी
शर्मा ने नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान 17 साल की उम्र में अपने उद्यमशीलता के सफर की शुरुआत की और जयपुर में 'चायवालाज़' नामक स्टार्टअप लॉन्च किया. उन्होंने जयपुर के मानसरोवर इलाके में शिप्रा पथ पर अपना पहला चाय कैफे खोला और फिर शहर में एक और आउटलेट खोलकर कारोबार का विस्तार किया. कुछ सालों के बाद, उन्होंने अपने कारोबार का विस्तार किया और यह कारोबार विभिन्न शहरों में सात 'चायवालाज़' आउटलेट तक फैल गया.
सभी आउटलेट कर दिया थे बंद
रिपोर्ट के अनुसार, शर्मा ने लगभग छह महीने पहले अपने सभी सात 'चायवालाज़' आउटलेट बंद कर दिए और आध्यात्मिकता की ओर रुख किया. इस दौरान उन्हें कई धार्मिक स्थलों पर जाते हुए देखा गया. व्यवसाय चलाने के अलावा, शर्मा दौसा में सामाजिक सेवा गतिविधियों से भी जुड़े हुए थे.