भारतीय रेलवे ने ट्रेन से सफर करने वालों के लिए एक नियम में बदलाव किया है, जिसके तहत अब तत्काल टिकट बुक करने में आसानी होगी. यह नियम 1 अगस्त 2026 से लागू हो रहा है. इस नियम के तहत काउंटरों पर टोकन सिस्टम किया जा रहा है, ताकि धक्का-मुक्की जैसी समस्या खत्म हो सके.
दरअसल, भारतीय रेलवे ने करोड़ों यात्रियों के सफर को आसान बनाया है. रेलवे ने रिजर्वेशन काउंटरों पर लगने वाली लंबी लाइनों और धक्का-मुक्की को खत्म करने के लिए नया टोकन सिस्टम (Token System) लागू किया है. इससे धक्का-मुक्की खत्म होगी. तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी.
इतना ही नहीं डिजिटल वेरिफिकेशन को भी सख्त किया है. ऑनलाइन बुकिंग में दलाली रोकने के लिए OTP बेस्ड वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है. अगर आप भी तत्काल ट्रेन टिकट बुक करने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं क्या-क्या बदला है...
टोकन सिस्टम में क्या बदलाव
लिमिटेड टोकन
अब टोकन बांटने की संख्या को भी लिमिटेड कर दिया गया है. AC तत्काल टिकट के लिए प्रति कांटर केवल 10 और नॉन एसी या स्लीपर के लिए 15 टोकन ही रोजाना कर दिया गया है.
ट्रांसफर नहीं कर सकते टोकन
अगर आपने एक व्यक्ति के नाम पर टोकन ले लिया तो दूसरे व्यक्ति के नाम पर इस टोकन को ट्रांसफर नहीं कर सकते हैं. उसी व्यक्ति के नाम पर तत्काल टिकट बंटेगा या कटेगा. कोई अन्य व्यक्ति इसका लाभ नहीं उठा सकता है.
पहचान और ओटीपी
टिकट बुक करते समय वैध सरकारी फोटो पहचान पत्र दिखाना और फर्जी बुकिंग रोकने के लिए ओटीपी (OTP) को अनिवार्य कर दिया गया है. ऐसे में आपके पास आधार कार्ड या कोई अन्य पहचान पत्र होना आवश्यक है. साथ ही एक एक्टिव मोबाइल नंबर भी होना जरूरी है.
क्यों किया गया ये बदलाव?
तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होते ही खिड़की पर अफरा-तफरी मच जाती है. दलाल और कुछ असामाजिक तत्व पहले से लाइन पर कब्जा जमा लेते हैं, जिससे घंटों लाइन में खड़े रहने वाले आम यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाता है. इसी समस्या को दूर करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए रेलवे अब पहले टोकन बांटेगा और उसी टोकन के आधार पर टिकट बुक होंगे.