नाइट फ्रैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में प्राइम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतें एक साल में 6.2 फीसदी बढ़ी हैं. बेंगलुरु 12वें और नई दिल्ली 17वें नंबर पर रही. टोक्यो 50.7 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ सबसे ऊपर है. लग्जरी घरों की कीमतों के मामले में मुंबई ग्लोबल रैंकिंग में टॉप-10 में शामिल हो गई है. नाइट फ्रैंक की प्राइम ग्लोबल सिटीज इंडेक्स Q2 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में प्राइम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतें एक साल में 6.2 फीसदी बढ़ी हैं.
इस बढ़ोतरी के साथ मुंबई ग्लोबल रैंकिंग में 8वें नंबर पर रही है. मुंबई की कीमतों में ये बढ़ोतरी ग्लोबल औसत 2.6 फीसदी से दोगुने से भी ज्यादा है. वहीं, अप्रैल-जून तिमाही यानी Q2 2026 में मुंबई की प्राइम प्रॉपर्टी की कीमतें तिमाही आधार पर 1.7 फीसदी बढ़ी हैं.
टॉप-20 में भारत के तीन शहर
नाइट फ्रैंक की ग्लोबल रैंकिंग में भारत के तीन शहर टॉप-20 में शामिल हैं. मुंबई 8वें नंबर पर है, जबकि बेंगलुरु 12वें और नई दिल्ली 17वें नंबर पर है. बेंगलुरु में प्राइम रेजिडेंशियल कीमतों में सालाना 4.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, नई दिल्ली में कीमतें 3.9 फीसदी बढ़ी हैं. तिमाही आधार पर बेंगलुरु में 1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि दिल्ली में कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ यानी ग्लोबल प्राइम हाउसिंग मार्केट की इस रैंकिंग में मुंबई, बेंगलुरु और नई दिल्ली तीनों भारतीय शहर टॉप-20 में हैं.
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टोक्यो सबसे आगे, मनीला दूसरे नंबर पर
ग्लोबल रैंकिंग में जापान की राजधानी टोक्यो सबसे ऊपर रही. टोक्यो में प्राइम रेजिडेंशियल कीमतें 12 महीने में 50.7 फीसदी बढ़ी हैं. Q2 2026 में भी टोक्यो में कीमतों में 12.6 फीसदी की तिमाही बढ़ोतरी दर्ज की गई. मनीला 14.6 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी के साथ दूसरे नंबर पर रहा. दुबई 10.9 फीसदी के साथ तीसरे और सिंगापुर 9.5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ चौथे नंबर पर रहा.
अगर दुनिया के टॉप-10 लग्जरी हाउसिंग मार्केट्स की बात करें तो टोक्यो 50.7% बढ़ोतरी के साथ पहले नंबर पर है. वहीं मनीला 14.6% ग्रोथ के साथ दूसरे, दुबई तीसरे (10.9%), सिंगापुर चौथे (9.5%), नैरोबी पांचवें (8.5%), क्राइस्टचर्च छठे (6.9%), सियोल सातवें (6.4%), मुंबई आठवें (6.2%), विएना नौवें (5.9%) और सैन फ्रांसिस्को दसवें (5.0%) नंबर पर है.
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दुनिया के कई बड़े शहरों में गिरे दाम
ग्लोबल प्राइम रेजिडेंशियल मार्केट में सभी शहरों में कीमतें नहीं बढ़ीं, कुछ बड़े शहरों में सालाना आधार पर कीमतों में गिरावट भी दर्ज की गई. चीन की राजधानी बीजिंग में प्राइम प्रॉपर्टी की कीमतें 8.4 फीसदी गिरीं, जो इंडेक्स में सबसे बड़ी गिरावट है. इसके बाद टोरंटो में 7.3 फीसदी और वेलिंगटन में 5.4 फीसदी की गिरावट रही. लंदन में भी प्राइम रेजिडेंशियल कीमतें एक साल में 3.6 फीसदी नीचे आईं. नाइट फ्रैंक के मुताबिक, 32 शहरों में सालाना आधार पर कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जबकि 15 शहरों में कीमतें घटीं. तिमाही आधार पर 28 मार्केट में कीमतें बढ़ीं, 17 में गिरावट आई और दो मार्केट में कोई बदलाव नहीं हुआ.
मुंबई की कीमतों में क्यों आई तेजी?
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल के मुताबिक, ग्लोबल प्राइम रेजिडेंशियल मार्केट में कीमतों की बढ़ोतरी की रफ्तार सीमित रहने के बावजूद मुंबई का टॉप-10 में आना महत्वपूर्ण है. उनके मुताबिक, मुंबई में 6.2 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी प्रीमियम हाउसिंग मार्केट में मजबूत डिमांड को दिखाती है. लोकेशन, क्वालिटी और अलग तरह के रेजिडेंशियल प्रॉडक्ट्स कीमतों को सपोर्ट कर रहे हैं. साथ ही सीमित सप्लाई की वजह से प्राइम रेजिडेंशियल एसेट्स को लंबी अवधि की वेल्थ क्रिएशन से जोड़ा जा रहा है.
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ग्लोबल लग्जरी हाउसिंग मार्केट में क्या हुआ?
नाइट फ्रैंक के मुताबिक, Q2 2026 में ग्लोबल प्राइम रेजिडेंशियल कीमतों में सालाना 2.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. पिछली तिमाही में यह बढ़ोतरी 2 फीसदी थी. यानी ग्लोबल मार्केट में कीमतों की बढ़ोतरी की रफ्तार थोड़ी तेज हुई है. नाइट फ्रैंक के ग्लोबल हेड ऑफ रिसर्च लियम बेली के मुताबिक, ग्लोबल लग्जरी हाउसिंग मार्केट में मामूली सुधार के संकेत मिले हैं. हालांकि अलग-अलग शहरों का प्रदर्शन काफी अलग रहा है. लोकल सप्लाई, करेंसी में बदलाव, वेल्थ क्रिएशन और ब्याज दरों का रुख आगे भी अलग-अलग शहरों के नतीजों को प्रभावित करेगा.