मिडिल ईस्ट में टेंशन (Middle East Tension) थमती हुई नजर नहीं आ रही है. अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता बैठकों को लेकर आ रहे अपडेट्स के बीच दुनिया की 20 फीसदी तेल जरूरत को पूरा करने के लिए जरूरी होर्मुज स्ट्रेट फिर से तनाव की वजह बनता जा रहा है. सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन सोमवार और मंगलवार को 24 घंटों में ईरान की ओर से यहां से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रिपल अटैक किया गया और इसपर पलटवार करते हुए अमेरिका की ओर से भी फ्रेश स्ट्राइक की गई है.
इन सबके बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Price Surge) में उथल-पुथल मच गई है और दुनियाभर के शेयर बाजारों में भी हड़कंप मचा नजर आया है, जो भारतीय शेयर बाजार के लिए निगेटिव संकेत दे रहे हैं. Indian Stock Market के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला गिफ्ट निफ्टी भी रेड जोन (Gift Nifty In Red) में ट्रेड कर रहा है.
US-ईरान फिर से आमने-सामने
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहराने लगा है. हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन कॉमर्शियल जहाजों पर ईरान की ओर से किए गए मिसाइल अटैक के बाद अमेरिकी सेना ने भी पलटवार किया है और ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की है. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार चल रहा है.
US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ये जबरदस्त हमले उन लोगों को भारी कीमत चुकाने पर मजबूर करेंगे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री रूट में आम नागरिकों वाले कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाकर अटैक किया है. एक बयान में कहा गया कि ये ताजा स्ट्राइक ईरान द्वारा उन तीन कमर्शियल जहाजों पर किए गए हमलों के जवाब में हैं, जो होर्मुज से गुज़र रहे थे और ये सीजफायर का सीधा उल्लंघन था.
कच्चे तेल में आया तेज उछाल
ईरानी हमलों पर अमेरिकी स्ट्राइक के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक फिर से उछाल आ गया है. सोमवार-मंगलवार को 71-72 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार करता दिखने वाला ब्रेंट क्रूड ऑयल अचानक 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी लेकर 76 डॉलर के पार निकल गया है. इसके अलावा खबर लिखे जाने तक WTI Crude Oil Price 2.60% चढ़कर 73 डॉलर के करीब, जबकि मर्बन क्रूड ऑयल का प्राइस 3 फीसदी उछलकर 71 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया.
तेल में आग से झुलसने लगे बाजार
होर्मुज में फिर बढ़ी टेंशन और हमलों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से दुनियाभर के शेयर बाजार में भी असर देखने को मिला. जहां बीते कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर बाजार रेड जोन में बंद हुए, तो बुधवार को ज्यादा एशियाई शेयर बाजारों में हड़कंप मचा हुआ नजर आ रहा है.
Japan Nikkei इंडेक्स खबर लिखे जाने तक 500 अंक की गिरावट के साथ 67,122 पर आ गया. वहीं साउथ कोरिया का KOSPI इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा फिसलकर कारोबार करता दिखा, इसके अलावा DAX, CAC भी लाल निशान पर ट्रेड कर रहा था. हालांकि, इस बीच हांगकांग का हैंगसेंग, ब्रिटेन का एफटीएसई-100 इंडेक्स बढ़त में थे.
सेंसेक्स-निफ्टी के लिए रेड सिग्नल
क्रूड ऑयल की कीमत में लगी आग और एशियाई शेयर बाजारों में मची उथल-पुथल का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख सकता है. दरअसल, Sensex-Nifty के लिए संकेतक माना जाने वाला गिफ्ट निफ्टी गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया.
बीते कारोबारी दिन सेंसेक्स-निफ्टी में तगड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला था. BSE Sensex तेज शुरुआत के बाद अंत में 104 अंक की गिरावट के साथ 78,180 पर क्लोज हुआ था, तो वहीं NSE Nifty भी बाजार क्लोज होने पर 31.65 अंक फिसलकर 24,398 पर बंद हुआ.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)