टाटा ट्रस्ट विवाद के बीच टीवीएस मोटर कंपनी के मानद चेयरमैन और कई टाटा ट्रस्टों में सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन ने अपना इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने बाई हीराबाई जमशेदजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन को छोड़ दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री द्वारा कुछ ट्रस्टियों की योग्यता पर सवाल उठाया गया था, जिसके बाद इस बड़े इस्तीफे की खबर आई है.
दरअसल, मेहली मिस्त्री ने दो टाटा ट्रस्टियों की योग्यता पर सवाल उठाए थे, उनमें एक वेणु श्रीनिवासन थे और दूसरे पूर्व आईएएस ऑफिसर विजय सिंह थे. रिपोर्ट्स की मानें, तो श्रीनिवासन ने अपने इस्तीफे का कारण अन्य व्यावसायिक व्यस्तता को बताया है.
TATA ट्रस्ट डीड का से जुड़ा विवाद
बिजनेस टुडे पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, वेणु श्रीनिवासन का इस्तीफा उस टाटा ट्रस्ट विवाद से जुड़ा है, जिसमें मेहली मिस्त्री ने ट्रस्ट के 1923 के डॉक्युमेंट्स में शामिल प्रावधानों का हवाला दिया. इनमें टाटा ट्रस्टियों का पारसी होना और मुंबई का निवासी होना जरूरी है. उन्होंने महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर से इस मामले की आधिकारिक जांच की मांग करते हुए तर्क दिया था कि श्रीनिवासन और विजय सिंह दोनों इन शर्तों को पूरा नहीं करते हैं, इसलिए उन्हें बोर्ड में नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए था.
टाटा ट्रस्ट में खड़े होने लगे सवाल
Venu Srinivasan के इस्तीफे के बाद भारत के सबसे बड़े परोपकारी संस्थानों में शामिल टाटा ट्रस्ट नेटवर्क (Tata Trust Network) के संचालन को लेकर चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है. मामले से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस विवाद से ट्रस्टियों की योग्यता, दस्तावेजों का पालन और बड़े कॉरपोरेट समूहों से जुड़े चैरिटेबल ट्रस्ट्रों में निगरानी तंत्र से संबंधित बड़े सवाल उठते हैं.
बता दें कि वेणु श्रीनिवासन ने जिस बाई हीराबाई जमशेदजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन से अपना इस्तीफा दिया है, वह टाटा ग्रुप से जुड़े ट्रस्टों के व्यापक नेटवर्क का हिस्सा है. ये ट्रस्ट सामूहिक रूप से टाटा संस में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखते हैं.
कौन थे मेहली मिस्त्री?
मेहली मिस्त्री सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (Sir Dorabji Tata Trust) और सर रतन टाटा ट्रस्ट (Sir Ratan Tata Trust) के बोर्ड में ट्रस्ट्री थे और उनका कार्यकाल बढ़ाने के खिलाफ ज्यादातर ट्रस्टियों के मतदान किया था. खासतौर पर छह ट्रस्टियों में से तीन चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata), वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने मिस्त्री की पुनर्नियुक्ति का विरोध किया और इसके चलते अक्तूबर 2025 में उनकी ट्रस्ट से विदाई हुई थी. इसके बाद उन्होंने ट्रस्टियों की योग्यता पर सवाल खड़ा किया.