मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच, SBI फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ लिस्ट होने जा रहा है. 21 जुलाई को इस कंपनी के शेयर, मार्केट में एंट्री लेने जा रहे हैं. ग्रे मार्केट प्रीमियम को देखें तो इस आईपीओ को लेकर काफी दिलचस्पी दिखाई दे रही है. आइए जानते हैं इससे जुड़ी हर एक डिटेल्स...
SBI फंड्स मैनेजमेंट को अच्छा-खासा सब्सक्रिप्शन भी मिला था. सदस्यता अवधि के दौरान जबरदस्त प्रतिक्रिया मिलने के बाद, कंपनी के शेयर अब ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) पर कारोबार कर रहे हैं, जो सकारात्मक लिस्टिंग का संकेत देता है.
नए जीएमपी 101 रुपये प्रति शेयर है. आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड 574 रुपये के आधार पर, अनुमानित लिस्टिंग प्राइस लगभग 675 रुपये है, जो इश्यू प्राइस पर 17.6% की संभावित बढ़ोतरी है. इसका मतलब है कि हर शेयर पर निवेशकों की 101 रुपये की कमाई हो सकती है.
इस आईपीओ को निवेशकों ने शानदार रिस्पॉन्स दिया था. इसे कुल 41 गुना सब्सक्राइब किया गया था. यह कुल 9,813 करोड़ रुपये का आईपीओ था और यह 14 जुलाई से 16 जुलाई तक खुला था. एसबीआई फंड्स मेजमेंट के अनुसार, इस इश्यू के लिए 12,45,63,536 शेयरों के मुकाबले 5,18,95,41,032 इक्विटी शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं.
इतने पॉजिटिव क्यों हैं एक्सपर्ट्स?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स का मानना है कि एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग की लॉन्गटर्म ग्रोथ से लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है. ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि तिमाही औसत प्रबंधित परिसंपत्तियों (QAAUM) के हिसाब से यह कंपनी भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है और इसे अपने विशाल साइज और मार्केट लीडरशिप से लाभ मिलता है.
इसमें कहा गया है कि QAAUM (15.3% बाजार हिस्सेदारी) के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी AMC होने के नाते, कंपनी को मजबूत पैमाने, इंडस्ट्री फर्स्ट बेनिफिट, व्यापक रिसर्च कवरेज और अनुकूल उद्योग रुझानों से लाभ मिलता है. जियोजित ने यह भी बताया कि कंपनी को मजबूत विकास, विविध राजस्व स्रोतों और एक लंबे परिचालन ट्रैक रिकॉर्ड का समर्थन प्राप्त है, जो कंपनी को भविष्य के विस्तार के लिए अच्छी स्थिति में रखता है.
क्या निवेशकों को निवेश करना चाहिए?
मजबूत सदस्यता संख्या और ग्रे मार्केट में अच्छा प्रीमियम लिस्टिंग से पहले पॉजिटिव मार्केट नजरिए को दिखाता है. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स भी कंपनी के लीडर, साइज और व्यापार मॉडल का हवाला देते हुए इसके लॉन्गटर्म फ्यूचर को लेकर आशावादी हैं. हालांकि, निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक है और लिस्टिंग के दौरान लाभ की गारंटी नहीं देता है. लिस्टिंग के दिन शेयर बाजार का प्रदर्शन जीएमपी से अलग-अलग हो सकता है.
लॉन्गटर्म निवेशकों के लिए, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में SBI फंड्स मैनेजमेंट का लीडरशिप, बड़े कस्टमर बेस और मैनेजमेंट के तहत मजबूत असेट इसे एक ऐसी कंपनी बनाती हैं जिस पर बाजार के कई प्रतिभागी बारीकी से नजर रखेंगे. इस बीच, 21 जुलाई को लिस्टिंग होने वाली है, इसलिए निवेशक अब यह देखने के लिए उत्सुक होंगे कि क्या एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ग्रे मार्केट में दिखाई देने वाली मजबूत उम्मीदों पर खरा उतरता है या नहीं?
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)