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ग्‍लोबल पावर पर कुछ देश कर रहे फैसला... भुगत रहा ग्‍लोबल साउथ: PM मोदी

ब्रिक्‍स देशों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ग्‍लोबल पावर एक पिरामिड की तरह है और कुछ देश ही दुनिया का फैसला ले रहे हैं. ग्‍लोबल साउथ देश ज्‍यादा संकट झेल रहे हैं.

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पिरामिड की तरह ग्‍लोबल पावर. (Photo: ITG)
पिरामिड की तरह ग्‍लोबल पावर. (Photo: ITG)

भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्‍स सम्‍मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री ने ब्रिक्‍स देशों के सामने कई अहम प्रस्‍ताव रखे. उन्‍होंने ब्रिक्‍स पर अगले समिट तक एक रोडमैप बनाने के लिए भी कहा. इस दौरान उन्‍होंने वैश्विक तनाव को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि आज सबसे ज्‍यादा संकट 'ग्‍लोबल साउथ' झेल रहा है, लेकिन फैसले के दौरान उसकी कोई खास भूमिका नहीं है.  

पीएम मोदी ने कहा कि ग्‍लोबल पावर एक पिरामिड की तरह है, जहां ऊपरी देशों के पास पावर और डिसीजन मेकिंग है और इनकी संख्‍या कम है. वहीं नीचे की ओर, ज्‍यादा देश हैं और वे इन फैसलों से प्रभावित भी हो रहे हैं और संकट भी झेल रहे हैं, लेकिन फैसला लेने में इनका कोई रोल नहीं है. इसे बदलने की आवश्‍यकता होगी. 

PM मोदी ने दिया ग्‍लोबल गर्वर्नेंस का प्रस्‍ताव
पीएम मोदी ने कहा कि अगली समिट तक ब्रिक्‍स को अपने रोडमैप तैयार करना चाहिए. अध्‍यक्षता कोई भी करे, हमारा लक्ष्‍य नहीं बदलना चाहिए. पीएम मोदी ने ग्‍लोबल गर्वर्नेंस को लेकर 10 प्रस्‍ताव भी पेश किए. उन्‍होंने आगे कहा कि ब्रिक्‍स देशों को रिप्रेजेंटेशन रिस्‍पॉन्‍स‍िबिल‍िटी और रूल मेकिंग पर ध्‍यान रखना होगा और इसी आधार पर रोडमैप तैयार करना होगा. 

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रिप्रेजेंटेशन का मतलब यूएन काउंसिल में रिफॉर्म टाला नहीं जा सकता है. निश्चित समय सीमा और स्‍पष्‍ट परिणाम से जोड़ना होगा. आज की पॉलिसी के हिसाब से ग्‍लोबल गर्वर्नेंस पर फोकस रखना चाहिए. सभी देशों की वोटिंग पावर, रूलर मेकिंग और अन्‍य में हिस्‍सेदारी होनी चाहिए. आज ग्‍लोबल साउथ देश भी समस्‍याओं का समाधान करने में सक्षम हैं. ब्रिक्‍स देशों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि जिन देशों का वैश्विक व्‍यापार में बहुत बड़ा योगदान है, उन देशों को भी ग्‍लोबल डिसीजन मेकिंग में शामिल करना होगा. 
 
व्‍यापार सहयोग बढ़ाने पर भी बात 
पीएम मोदी ने ब्रिक्‍स देशों को व्‍यापार बढ़ाने के लिए भी कहा. विश्‍व के तहत समान भागीदारी तैयारी करना बेहद जरूरी है. एआई, बॉयो, टेक्‍नोलॉजी को आगे बढ़ाना होगा, रूल टेकर से रूल गिवर की ओर बढ़ना होगा. सभी देशों को समान भागीदारी के साथ काम करना होगा. 

पीएम मोदी का इस बयान को इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्‍योंकि दुनिया में जियो-पॉलिटिकल तनाव चल रहा है और कुछ देशों की लड़ाई की वजह से बाकी देश झेल रहे हैं. दुनिया में एनर्जी संकट गहराया है और महंगाई लगातार बढ़ रही है. 

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