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Most Poorest State: भारत के ये 5 सबसे बीमारू राज्य, दो नाम ने सबको चौंकाया

रिजर्व बैंक ने पाया कि कोविड-19 महामारी के चलते राज्यों की वित्तीय स्थिति तेजी से बिगड़ी है. इसके अलावा नकद सब्सिडी (Cash Subsidy) देने, फ्री में बिजली-पानी (Free Electricity-Water) जैसी सुविधाएं देने, पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को लागू करने जैसे कदमों ने भी राज्यों की सेहत खराब की है.

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RBI ने बताए बीमारू राज्यों के नाम RBI ने बताए बीमारू राज्यों के नाम
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फ्री बिजली-पानी से राज्यों पर काफी प्रेशर
  • कोरोना ने बिगाड़ी राज्यों की वित्तीय सेहत

भारत के कौन-कौन राज्य बीमारू (Poor States) हैं, यानी किन राज्यों की वित्तीय सेहत (Fiscal Condition) ठीक नहीं है, इसे लेकर बहसें चलती रहती हैं. रिजर्व बैंक (RBI) ने एक हालिया आर्टिकल में देश के पांच सबसे बीमारू राज्यों के नाम का खुलासा किया है. इसमें बिहार (Bihar) का नाम तो शामिल है ही, पंजाब (Punjab) और केरल (Kerala) के नाम सबसे ज्यादा हैरान करने वाले हैं. अन्य बीमारू राज्यों में राजस्थान (Rajasthan) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) का नाम भी शामिल है.

इन कारणों से बिगड़ी वित्तीय सेहत

रिजर्व बैंक ने श्रीलंका के मौजूदा संकट (Sri Lanka Crisis) के बाद सभी राज्यों की वित्तीय सेहत का विस्तार से आकलन किया. रिजर्व बैंक ने पाया कि कोविड-19 महामारी के चलते राज्यों की वित्तीय स्थिति तेजी से बिगड़ी है. इसके अलावा नकद सब्सिडी (Cash Subsidy) देने, फ्री में बिजली-पानी (Free Electricity-Water) जैसी सुविधाएं देने, पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को लागू करने जैसे कदमों ने भी राज्यों की सेहत खराब की है. रिजर्व बैंक के अनुसार, 2011-12 से 2019-20 के दौरान राज्यों के ग्रॉस फिस्कल डेफिसिट और जीडीपी का अनुपात 2.5 फीसदी रहा है. राज्यों को इसे तीन फीसदी तक मेंटेन रखना होता है. साल 2020 में कोरोना महामारी के बाद यह स्थिति खराब हो गई. सेंट्रल बैंक ने कहा कि गुजरात (Gujarat), महाराष्ट्र (Maharashtra), दिल्ली (Delhi), कर्नाटक (Karnataka) और ओडिशा (Odisha) के बेहतर प्रदर्शन से आने वाले सालों में अनुपात में सुधार हो सकता है.

कर्ज के मामले में आगे हैं ये राज्य

रिजर्व बैंक ने आर्टिकल में बताया कि साल 2026-27 में कर्ज और जीएसडीपी (GSDP) के अनुपात के मामले में पंजाब (Punjab) सबसे बुरी स्थिति में रह सकता है. पंजाब का यह अनुपात 45 फीसदी को भी पार कर सकता है. इसी तरह राजस्थान (Rajasthan), केरल (Kerala) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) के लिए यह अनुपात 35 फीसदी के पार निकल सकता है. रिजर्व बैंक ने कहा कि इन राज्यों को अपने कर्ज का स्तर स्टेबल बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुधार के उपाय करने होंगे. आर्टिकल के अनुसार, कर्ज के सबसे ज्यादा बोझ वाले राज्यों में पंजाब (Punjab), राजस्थान (Rajasthan), केरल (Kerala), पश्चिम बंगाल (West Bengal), बिहार (Bihar), आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh), झारखंड (Jharakhand), मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और हरियाणा (Haryana) के नाम शामिल हैं. रिजर्व बैंक ने बताया कि ये 10 राज्य देश के सभी राज्यों के कुल खर्च में करीब आधी हिस्सेदारी रखते हैं.

ये राज्य देते हैं ज्यादा सब्सिडी

आर्टिकल के अनुसार, राजस्थान (Rajasthan), पश्चिम बंगाल (West Bengal), पंजाब (Punjab) और केरल (Kerala) जैसे राज्य करीब 90 फीसदी खर्च रेवेन्यू अकाउंट (Revenue Account) पर करते हैं. गुजरात (Gujarat), पंजाब (Punjab) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) जैसे राज्य रेवेन्यू के कुल खर्च का 10 फीसदी हिस्सा सब्सिडी पर खर्च करते हैं. रिजर्व बैंक का कहना है कि फ्री बिजली, फ्री पानी, फ्री परिवहन, किसानों की कर्जमाफी आदि जैसे राज्यों के कदम प्राइवेट इन्वेस्टमेंट (Private Investment) के फायदों को भी समाप्त कर देते हैं. फ्री बिजली और पानी देने से तो पर्यावरण को भी नुकसान होता है, साथ ही भूजल के स्तर में भी गिरावट आती है.

 

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