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सरकार की मंजूरी... जल्द हाथ में होंगे ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट, कागज के नोटों का क्या होगा?

Modi Govt Approval Rs 10-20 Plastic Notes: देश में पॉलिमर या प्लास्टिक करेंसी नोटों के लिए रास्ता साफ हो गया है. सरकार की ओर से आरबीई के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. पहले 10-20 रुपये के प्लास्टिक नोट ट्रायल के तौर पर जारी किए जाएंगे.

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सरकार ने आरबीआई के प्लास्टिक करेंसी के प्रस्ताव को दी मंजूरी. (Photo: ITG)
सरकार ने आरबीआई के प्लास्टिक करेंसी के प्रस्ताव को दी मंजूरी. (Photo: ITG)

देश में जल्द 10 रुपये और 20 रुपये की वैल्‍यू वाले पॉलिमर नोट यानी प्‍लास्टिक के करेंसी नोट देखने को मिलेंगे. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी है. सरकार की ओर से संसद में ये महत्वपूर्ण जानकारी शेयर की गई. जानकारी के मुताबिक, इन मूल्य के करेंसी नोटों को सबसे पहले फील्ड ट्रायल के लिए जारी किया जाएगा और इसके सफल होने पर नियमित किया जाएगा. 

100-100 करोड़ नोट प्लाटिक नोट!
मोदी सरकार की ओर से संसद में पॉलिमर (प्लास्टिक) नोट से जुड़ा ये बड़ा अपडेट शेयर किया गया है. इसमें आरबीआई के प्रस्ताव को मंजूरी की बात कहते हुए सरकार ने बताया है कि ₹10 और ₹20 के 100-100 करोड़ (एक-एक अरब) पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा. ट्रायल सफल होने के बाद इन Plastic Notes को नियमित जारी करने की योजना है. 

सर्कुलेशन में मौजूद कागजी नोटों का क्या? 
Modi Govt की ओर से 10-20 रुपये के प्लास्टिक नोटों के ट्रायल के बारे में जानकारी शेयर करे के साथ ही ये भी साफ किया गया है कि वर्तमान में सर्कुलेशन में मौजूद कागजी नोटों पर इसका कोई असर नहीं होगा. यानी कागजी नोट बंद नहीं होंगे, बल्कि ये पॉलिमर नोटों के साथ ही बाजार में मौजूद रहेंगे. सरकार की ओर से कहा गया है कि फिलहाल कागजी करेंसी को पूरी तरह पॉलिमर नोटों से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

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पॉलिमर नोटों की लाइफ वर्तमान में मौजूद कागजी नोटों से अधिक होने का दावा है. हालांकि, फिलहाल प्लास्टिक नोटों से जुड़ी ये परियोजना शुरुआती चरण में. इसके साथ ही डिजिटल पेमेंट पर असर का आकलन ये नोट नियमित जारी होने के बाद होगा.

पहली बार कहां बने थे प्‍लास्टिक के नोट
भारत में भले ही पहली बार पॉलिमर से बने नोट सर्कुलेशन में लाने की तैयारी की जा रही है, लेकिन आपको बता दें कि इन प्लास्टिक नोटों को पहली बार ऑस्ट्रेलिया ने साल 1988 में पेश किया था, जबकि अब 50 से अधिक देशों में इनका उपयोग किया जाता है. इन्हें पारंपरिक कागजी करेंसी की तुलना में अधिक टिकाऊ, नकली नोट बनाने में मुश्किल और लंबी आयु वाला माना जाता है, जिससे छपाई की लॉन्‍गटर्म लागत कमी आती है.

बीते दिनों आई ANI की एक रिपोर्ट को देखें, तो इसमें आधिकारिक सूत्रों के हवाले से ये जानकारी भी शेयर की गई थी कि RBI द्वारा 10 और 20 रुपये के नोटों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाने के लिए टेंडर जारी किया गया है और ग्‍लोबल स्‍तर पर इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं.

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