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अमेरिकी डॉलर के सामने दिखा रुपये का दम! 6 महीने की ऊंचाई पर भारतीय करेंसी

Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपये ने करीब छह महीने बाद मजबूती का नया स्तर छुआ है. भारतीय करेंसी शुक्रवार को कमजोर शुरुआत के बाद संभली और 93.89 तक पहुंच गई. यह 7 मई के बाद रुपये का सबसे मजबूत इंट्राडे स्तर है. पिछले बंद भाव के मुकाबले रुपया 52 पैसे मजबूत हुआ, जबकि दिन की शुरुआत से इसमें 61 पैसे की बढ़त दर्ज की गई.

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रुपये ने डॉलर के मुकाबले छह महीने बाद मजबूती का नया स्तर छुआ. (File Photo)
रुपये ने डॉलर के मुकाबले छह महीने बाद मजबूती का नया स्तर छुआ. (File Photo)

भारतीय रुपये ने शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले शानदार वापसी की. कारोबारी दिन की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई, लेकिन बाद में रुपये ने ऐसी तेजी पकड़ी कि यह 93.89 के स्तर तक पहुंच गया. यह 7 मई के बाद रुपये का सबसे मजबूत इंट्राडे लेवल है यानी करीब छह महीने बाद भारतीय करेंसी इस ऊंचाई पर पहुंची है. विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयर बाजार में जोरदार खरीदारी से रुपये को सहारा मिला. हालांकि, महंगे क्रूड और मजबूत होते डॉलर ने शुरुआत में दबाव बनाने का काम किया.

भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.50 पर खुला. इससे पहले गुरुवार को यह 94.41 पर बंद हुआ था. इस तरह कारोबार की शुरुआत में ही रुपया 9 पैसे कमजोर हो गया. हालांकि, इसके बाद धीरे-धीरे इसमें सुधार आने लगा. पहले यह 94.36 तक पहुंचा और फिर मजबूती दिखाते हुए 93.89 के स्तर पर आ गया. 93.89 का मतलब है कि एक डॉलर खरीदने के लिए 93.89  रुपये देने होंगे. इस तरह शुक्रवार को रुपया अपने पिछले बंद भाव से 52 पैसे और आज के शुरुआती स्तर से 61 पैसे मजबूत हुआ.

क्रूड और डॉलर की तेजी ने बनाया दबाव

रुपये की इस तेजी से पहले बाजार में दबाव की स्थिति थी. फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती ने भारतीय करेंसी पर दबाव बनाया था. शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2.04% चढ़कर 100.30 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. भारत अपनी तेल और गैस की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है. ऐसे में जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो तेल आयात करने वाली कंपनियों को ज्यादा डॉलर की जरूरत पड़ती है. इससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव आता है. वहीं, दुनिया की छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती बताने वाला डॉलर इंडेक्स 0.17% चढ़कर 101.71 पर पहुंच गया था. डॉलर में तेजी भी रुपये के लिए चुनौती बनती है.

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विदेशी निवेशकों ने की जोरदार खरीदारी

रुपये को मजबूती देने में विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने अहम भूमिका निभाई. एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में 14,974.68 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट खरीदारी की. विदेशी निवेशकों का पैसा भारतीय बाजार में आने से रुपये को सहारा मिल सकता है. शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में भी जोरदार तेजी रही. सेंसेक्स 1700 अंक चढ़कर 81,000 का आंकड़ा पार कर गया, जबकि निफ्टी 400 अंकों से अधिक चढ़कर 25000 के ऊपर पहुंच गया.

आगे कैसी रह सकती है रुपये की चाल?

फॉरेन करेंसी एक्सचेंज के एक्सपर्ट्स के मुताबिक आने वाले समय में रुपये का रुख पॉजिटिव रह सकता है. मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी के मुताबिक, घरेलू बाजार में मजबूती और विदेशी निवेशकों (FII) की खरीदारी बढ़ने से रुपये को आगे भी सहारा मिल सकता है. इसके अलावा अमेरिका के मिडटर्म चुनावों के बाद डॉलर कमजोर पड़ता है और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड (ब्याज दर) में गिरावट आती है, तो इससे भी रुपये को मजबूती मिल सकती है.

हालांकि, रुपये के सामने कुछ चुनौतियां भी बनी हुई हैं. युद्ध से जुड़े तनाव और मिडिल ईस्ट के हालात रुपये की तेजी को सीमित कर सकते हैं. इसके अलावा क्रूड ऑयल की कीमतों और डॉलर की चाल पर भी बाजार की नजर रहेगी. आने वाले दिनों में रुपये की दिशा मुख्य रूप से तीन बातों से तय होगी- विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में कितना पैसा लगाते हैं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें किस तरफ जाती हैं और डॉलर कितना मजबूत रहता है.

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