अगर आप ट्रेन के जरिए पार्सल भेजते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. अब पार्सल बुक करने या उसे लेने के लिए रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. भारतीय रेलवे (Indian Railways) जल्द ही आठ बड़े शहरों में डोर-टू-डोर पार्सल डिलीवरी सर्विस शुरू करने जा रहा है. रेलवे ने इस सर्विस को 'घर से घर तक' (Ghar Se Ghar Tak) नाम दिया है.
इसके तहत ग्राहक घर बैठे ही पार्सल पिकअप से लेकर डिलीवरी तक की बुकिंग कर सकेंगे. इस सर्विस का पायलट रन सफल रहा है. अब रेलवे इसे देश के 8 शहरों में रेगुलर सर्विस के रूप में शुरू करने जा रहा है. रेलवे की इस पहल से आम लोगों के साथ छोटे कारोबारियों और ऑनलाइन विक्रेताओं को फायदा मिलने की उम्मीद है.
इन 8 शहरों में मिलेगी सुविधा
रेलवे शुरुआत में यह सेवा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे में उपलब्ध कराएगा. ग्राहक रेल पार्सल ऐप (Rail Parcel App) या रेलवे की वेबसाइट के जरिए अपने घर से पार्सल भेजने और मंगाने की बुकिंग कर सकेंगे. दक्षिण मध्य रेलवे ने 6 मई 2026 को सोशल मीडिया पर इस सर्विस के बारे में जानकारी साझा की थी. रेलवे के मुताबिक, यह पहल सिर्फ पार्सल पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को जोड़ने और कारोबार को आगे बढ़ाने में भी मदद करेगी.
ऐसे काम करेगी घर से घर तक सर्विस
इस सेवा के तहत रेलवे और लॉजिस्टिक्स कंपनियां मिलकर काम करेंगी. रेलवे की जिम्मेदारी एक शहर से दूसरे शहर तक पार्सल पहुंचाने की होगी, जबकि लॉजिस्टिक्स पार्टनर ग्राहक के घर से पार्सल उठाने और उसे तय पते तक पहुंचाने का काम करेंगे. ग्राहक पार्सल की बुकिंग ट्रेन रवाना होने से 15 दिन पहले तक कर सकेंगे. वहीं, ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से एक दिन पहले तक भी बुकिंग की सुविधा रहेगी. लॉजिस्टिक्स पार्टनर ग्राहक के घर से पार्सल लेकर ट्रेन रवाना होने से कम से कम एक घंटे पहले रेलवे कर्मचारियों को सौंप देंगे.
ऐप से बुकिंग, पेमेंट और लाइव ट्रैकिंग
रेल पार्सल ऐप के जरिए ग्राहक पार्सल की बुकिंग करने के साथ ऑनलाइन पेमेंट और उसकी लोकेशन भी ट्रैक कर सकेंगे. हर बुकिंग के लिए 10 अंकों का प्रोग्रेसिव रेफरेंस रिकॉर्ड (PRR) नंबर जारी किया जाएगा. इसी नंबर की मदद से ग्राहक अपने पार्सल की स्थिति जान सकेंगे. इसके अलावा ऐप पर डिजिटल GST इनवॉइस और लाइव ट्रैकिंग अपडेट भी मिलेंगे. पेमेंट के लिए UPI, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे विकल्प उपलब्ध होंगे. पार्सल की डिलीवरी सही व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए वन-टाइम पासवर्ड (OTP) के जरिए वेरिफिकेशन किया जाएगा.
बुकिंग कैंसिल करने पर कितना मिलेगा रिफंड?
रेलवे ने इस सेवा के लिए कैंसलेशन और रिफंड के नियम भी तय किए हैं. अगर ग्राहक पार्सल पिकअप होने से पहले रेलवे की मालभाड़ा बुकिंग कैंसिल करता है, तो ₹10 क्लर्केज चार्ज काटकर बाकी पूरा रेलवे मालभाड़ा वापस कर दिया जाएगा. हालांकि, घर से पार्सल पिकअप और डिलीवरी के लिए दिए गए पैसे का रिफंड लॉजिस्टिक्स पार्टनर की अपनी पॉलिसी के मुताबिक मिलेगा. यानी इस हिस्से का रिफंड रेलवे के नियमों से नहीं, बल्कि संबंधित कंपनी की शर्तों से तय होगा.
छोटे कारोबारियों, ऑनलाइन विक्रेताओं को फायदा
रेलवे की इस नई पहल से उन लोगों को खास फायदा मिल सकता है, जो नियमित रूप से एक शहर से दूसरे शहर पार्सल भेजते हैं. छोटे कारोबारी, ऑनलाइन सेलर और व्यक्तिगत ग्राहक घर बैठे पार्सल भेज सकेंगे. उन्हें रेलवे स्टेशन जाकर पार्सल जमा करने या लेने की जरूरत नहीं होगी. रेलवे का मकसद अपनी पार्सल सेवाओं को ज्यादा आसान और सुविधाजनक बनाना है. हालांकि, फिलहाल यह सेवा शुरुआती तौर पर आठ शहरों में ही उपलब्ध होगी. इसकी शुरुआत की तारीख को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.