दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी चीन बड़ा खेल कर रहा है और ये पूरा गेम सोने (Gold) को लेकर किया जा रहा है. आधिकारिक आंकड़ों को देखें, तो चीन अपने गोल्ड रिजर्व में लगातार इजाफा कर रहा है और जून महीने में सोने की तगड़ी खरीदारी की है, ये लगातार 20वां महीना है, जबकि चीन ने Gold Buying की है. चीन का ये गोल्ड गेम (China Gold Game) सिर्फ सुरक्षित निवेश के लिहाज से नजर नहीं आता है, क्योंकि सोने की कीमतें गिरने के बाद भी ड्रैगन लगातार इसका रिजर्व बढ़ाता जा रहा है.
ढाई साल में सबसे बड़ी गोल्ड खरीदारी
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के केंद्रीय बैंक ने जून महीने में सोने के भंडार (China Gold Reserve) में जोरदार इजाफा किया है. बीते महीने चीन द्वारा की गई सोने की खरीदारी बीते ढाई साल से अधिक समय में सबसे बड़ी मासिक खरीदारी रही है. चीनी केंद्रीय बैंक की गोल्ड खरीदारी जारी रहने का ये लगातार 20वां महीना रहा.
ताजा खरीदारी के साथ ही जून के अंत तक चीन का गोल्ड रिजर्व 75.44 मिलियन शुद्ध ट्रॉय औंस तक पहुंच गया, जबकि इससे एक महीने पहले यानी मई 2026 तक यह 74.96 मिलियन के स्तर पर था. पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के गोल्ड रिजर्व के आंकड़ों के अनुसार 4,80,000 औंस की यह बढ़ोतरी, जो लगभग 15 मीट्रिक टन के बराबर है, अक्टूबर 2023 के बाद से सबसे बड़ी मंथली वृद्धि है. इससे पहले मई में People's Bank Of China ने अपने रिजर्व में 3,20,000 ट्रॉय औंस सोना जोड़ा था.
वैल्यू घटी, फिर भी खरीदारी जारी
खास बात ये है कि चीन ऐसे समय में भी जमकर सोना खरीद रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में Gold Rate फिसले हैं. इसका असर चीन के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू पर भी पड़ा है और आंकड़ों से पता चलता है कि China Gold Reserve का मूल्य जून के अंत में 303.72 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो इससे पिछले मई महीने में 340.75 अरब डॉलर था.
सोने की कीमतों में आई गिरावट पर नजर डालें, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में जून में हाजिर सोने की कीमत 11.65% फिसली है, जो अक्टूबर 2008 के बाद सबसे खराब गिरावट रही. कुछ समय के लिए गोल्ड 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे भी आ गया था.
आखिर चीन का Gold पर फोकस क्यों?
बड़ा सवाल ये कि सोना सस्ता (Gold Cheaper) होने के बाद भी चीन लगातार इसका भंडार क्यों बढ़ाता जा रहा है. सोने को लेकर चीन की स्ट्रेटजी क्या है और ड्रैगन ये गोल्ड गेम क्यों खेल रहा है? तो बता दें कि चीन अपनी इकोनॉमी को मजबूत करने और ग्लोबल अर्थव्यवस्था में अपनी पकड़ को मजबूत करने के लिए लगातार सोने पर फोकस कर रहा है.
चीन का लगातार सोना खरीदना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि यह ड्रैगन की लॉन्गटर्म आर्थिक रणनीति का हिस्सा है. वह अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता को कम करते हुए अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने जैसे अन्य सुरक्षित संपत्तियों को जोड़ता जा रहा है. किसी भी आपदा या ग्लोबल तनाव की स्थिति में सोना हमेशा से एक सेफ हैवेन एसेट माना जाता है, तो विपरीत परिस्थितियों में ये बेहद काम आ सकता है और इसपर किसी दूसरे देश का कंट्रोल भी नहीं होता.
हालांकि, चीन सोने का सुरक्षा कवच के तौर पर देखते हुए लगातार इसकी इस खरीदारी करने में जुटा है, लेकिन उसका ये कदम ग्लोबल गोल्ड प्राइस को ऊंचा बनाए रख सकता है और इसका असर दुनिया पर दिख सकता है.