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ऑयल-बॉन्ड यील्ड का डबल प्रेशर, एशियाई बाजारों में गिरावट... ठीक रहा भारतीय मार्केट था बंद

Asian Share Market Crash: गांधी जयंती के कारण शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बंद रहा, लेकिन एशियाई बाजारों में कारोबार के दौरान निवेशकों की चिंता साफ दिखी. हांगकांग का हैंग सेंग करीब 3 फीसदी टूटकर 11 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि जापान के निक्केई और टोपिक्स में भी गिरावट रही.

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हांगकांग का हैंग सेंग करीब 3 फीसदी टूटकर 11 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि जापान के निक्केई और टोपिक्स में भी गिरावट रही. (File Photo)
हांगकांग का हैंग सेंग करीब 3 फीसदी टूटकर 11 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि जापान के निक्केई और टोपिक्स में भी गिरावट रही. (File Photo)

गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार बंद रहा. ऐसे में भारतीय निवेशकों की नजर एशिया के शेयर बाजारों पर रही, जहां शुक्रवार को कारोबार की तस्वीर मिली-जुली रही. हांगकांग और जापान के प्रमुख इंडेक्स में बड़ी गिरावट दिखी, जबकि दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए.

अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों से पहले निवेशक सतर्क रहे. हाई बॉन्ड यील्ड और 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर टिके ब्रेंट क्रूड ने भी एशियाई शेयर बाजारों की चिंता बढ़ाई. भारत में शेयर बाजार बंद होने के कारण इन वैश्विक संकेतों का असर नहीं दिखा. अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र में एशियाई बाजारों की चाल, तेल की कीमतों, बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी रोजगार आंकड़ों पर रहेगी.

हांगकांग में सबसे बड़ी गिरावट

एशियाई शेयर बाजारों में शुक्रवार को हांगकांग के शेयर बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव दिखा. हैंग सेंग इंडेक्स (HSI) करीब 3 फीसदी टूटकर लगभग 23,900 अंक पर आ गया. यह 11 हफ्ते का निचला स्तर है. हांगकांग का शेयर बाजार गुरुवार को छुट्टी के बाद खुला था. शुक्रवार को ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेजी और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर हांगकांग के शेयर बाजार पर दिखाई दिया. टेक शेयरों में भी बिकवाली रही और हैंग सेंग टेक इंडेक्स करीब 2.5 फीसदी नीचे रहा.

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जापान का बाजार भी फिसला

जापान में निक्केई 225 (NIKKEI 225) इंडेक्स करीब 0.9 फीसदी गिरा, जबकि टोपिक्स (TOPIX) में 1.1 फीसदी की गिरावट रही. जापान से आए महंगाई के आंकड़ों ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा. सितंबर में टोक्यो का कोर सीपीआई 2.7 फीसदी रहा, जो अगस्त के 1.8 फीसदी से काफी ज्यादा है. यह शेयर बाजार के 2.4 फीसदी अनुमान से भी ऊपर रहा.

Asian Share Markets Chart​

महंगाई बढ़ने के बाद बैंक ऑफ जापान की ब्याज दरों को लेकर भी बाजार में चर्चा तेज हुई है. कुछ नीति-निर्माता बढ़ती महंगाई के जोखिम को देखते हुए ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी की जरूरत मान रहे थे. अब निवेशक अक्टूबर या दिसंबर की बैठक में अगली बढ़ोतरी की संभावना पर नजर रख रहे हैं.

कोरिया और थाईलैंड में बढ़त

दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) शुरुआत में उतार-चढ़ाव के बाद करीब 0.12 फीसदी की बढ़त में रहा. थाईलैंड का सेती इंडेक्स (SETI) भी करीब 0.5 फीसदी मजबूत हुआ. इसके उलट सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स (STI) करीब 0.3 फीसदी नीचे रहा. चीन के मेनलैंड शेयर मार्केट नेशनल डे की गोल्डन वीक छुट्टी के कारण बंद थे. चीन के बाजार 8 अक्टूबर को दोबारा खुलेंगे.

बॉन्ड यील्ड और तेल ने बढ़ाई चिंता

अमेरिकी बॉन्ड मार्केट की हलचल का असर एशियाई शेयर बाजारों पर भी दिख रहा है. अमेरिकी 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड गुरुवार को बढ़कर 5.34 फीसदी तक पहुंच गई थी. यह 2002 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है. एशियाई कारोबार में यह कुछ नरम होकर करीब 5.25 फीसदी पर आ गई. यील्ड में बढ़ोतरी से दुनिया भर में कर्ज की लागत बढ़ती है और शेयर बाजार में ऊंची वैल्यूएशन वाली कंपनियों पर दबाव आ सकता है.

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दूसरी ओर, ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है. तेल की ऊंची कीमतें महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की योजना बना रहा है, जबकि चीन ने ऑयल प्रोडक्ट्स के निर्यात पर रोक लगाई है.

अब अमेरिकी जॉब्स डेटा पर नजर

अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल्स के आंकड़े शुक्रवार को जारी होने हैं. बाजार को सितंबर में करीब 89,000 नई नौकरियां जुड़ने की उम्मीद है, जबकि बेरोजगारी दर 4.1 फीसदी पर रहने का अनुमान है. अमेरिका के रोजगार आंकड़े फेडरल रिजर्व की आगे की इंटरेस्ट रेट पॉलिसी के लिए अहम माने जा रहे हैं. ऐसे में इन आंकड़ों के बाद वैश्विक बाजारों में हलचल बढ़ सकती है.

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