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'एंबिशियस तो मैं बहुत हूं, सिर्फ मंत्री पद से थोड़ी मानूंगी', पंचायत आजतक में बोलीं मैथिली ठाकुर

मैथिली ठाकुर से जब पूछा गया कि लोग उन्हें युवा मुख्यमंत्री के तौर पर देख रहे हैं और उनके लिए इस तरह की चर्चाओं का क्या मतलब है, तो उन्होंने कहा कि अभी मेरा फोकस दी गई जिम्मेदारियों को पूरा करने पर है.

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पंचायत आजतक बिहार में बीजेपी विधायक और गायिका मैथिली ठाकुर (Photo-ITG)
पंचायत आजतक बिहार में बीजेपी विधायक और गायिका मैथिली ठाकुर (Photo-ITG)

पंचायत आजतक बिहार के सेशन 'सियासत के सुर' में बीजेपी विधायक और गायिका मैथिली ठाकुर ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की. बातचीत के दौरान उन्होंने राजनीति में आने के अनुभव, चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर हुई आलोचनाओं, एंटीलिया में कार्यक्रम में शामिल होने, अभिनेत्री स्वरा भास्कर के जौहर वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया, आरक्षण और बिहार सरकार के कामकाज पर अपनी राय रखी.

मैथिली ठाकुर से जब पूछा गया कि क्या वह मंत्री बनने की इच्छा रखती हैं, तो उन्होंने कहा, "मेरी विधायक बनने की भी इच्छा नहीं थी, लेकिन मेरी पार्टी मुझे जो भी काम देगी, उसमें मैं 100 फीसदी योगदान दूंगी."उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'एंबिशियस तो मैं बहुत हूं, सिर्फ मंत्री पद से थोड़ी मानूंगी."

चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाए जाने को लेकर मैथिली ठाकुर ने कहा कि चुनाव लड़ना आसान नहीं है और आज के दौर में सोशल मीडिया ने इसे और चुनौतीपूर्ण बना दिया है. मखाना से जुड़े एक वीडियो को लेकर भी उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था. उन पर मिथिला के पकवान का अपमान करने का आरोप लगाया गया था. 

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एंटीलिया जाने पर क्या बोलीं मैथिली ठाकुर?

एंटीलिया में कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर सवाल पूछे जाने पर मैथिली ठाकुर ने कहा कि उन्हें वहां गणपति कार्यक्रम के लिए बुलाया गया था. वह पहली बार नहीं बल्कि तीसरी या चौथी बार वहां गई थीं. उन्होंने कहा कि वहां उन्हें बहुत प्रेम से बुलाया जाता है और वहां जाकर उन्हें अच्छा लगता है. वहां भक्ति का माहौल रहता है और लोग मिलकर भजन-संगीत का आनंद लेते हैं.

स्वरा भास्कर के जौहर वाले बयान पर क्यों बनाया था वीडियो?

मैथिली ठाकुर ने अभिनेत्री स्वरा भास्कर के जौहर से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने एक वीडियो बनाकर अपनी बात रखी थी. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह एक महिला के तौर पर उस बयान से आहत हुई थीं या बीजेपी से जुड़ी होने के कारण उन्होंने प्रतिक्रिया दी, तो मैथिली ने कहा कि उन्होंने भारत की एक महिला के तौर पर इस मुद्दे को देखा.

भारत में अलग-अलग धर्मों और आस्थाओं का सम्मान किया जाता है. ऐसे में किसी के व्यक्तिगत विश्वास या धर्म को लेकर टिप्पणी करते समय संवेदनशीलता और समझदारी जरूरी है. अगर किसी मुद्दे से जुड़ी पिछली बातें पढ़कर और समझकर टिप्पणी की जाए तो बोलने का तरीका अलग हो सकता है. किसी के व्यक्तिगत विश्वास या धर्म पर चोट करने वाली टिप्पणी नहीं होनी चाहिए.

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आरक्षण पर बोलीं- यह पेचीदा मुद्दा है

आरक्षण को लेकर अपने पुराने बयान पर भी मैथिली ठाकुर ने विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि आरक्षण एक पेचीदा विषय है और इस पर एक बात कहने के बाद उसके पक्ष और विपक्ष में कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं. आज हर घर में आरक्षण को लेकर चर्चा हो रही है. कुछ लोग इसके पक्ष में बात करते हैं, जबकि कुछ लोग इसमें सुधार की जरूरत बताते हैं.

मैथिली ने कहा कि आरक्षण केंद्र से जुड़ा विषय है और उन्होंने उस समय एक युवा के तौर पर अपना दृष्टिकोण रखा था. उन्होंने कहा कि कई बार वह यह भूल जाती हैं कि वह विधायक हैं और युवा के तौर पर लोगों से अपनी व्यक्तिगत पहचान के साथ संवाद करती हैं.

बिहार सरकार के कामकाज पर क्या बोलीं मैथिली ठाकुर?

बिहार सरकार के करीब पांच महीने के कार्यकाल और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कामकाज को लेकर पूछे गए सवाल पर मैथिली ठाकुर ने कहा कि विधायक बनने के बाद उन्होंने बिहार में कई नई चीजें देखी हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार काम करते नजर आ रहे हैं और इससे प्रेरणा मिलती है. खासतौर पर सरकारी नौकरियों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर उनके पास आते थे.

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मैथिली ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री लोगों की बातें सुनते हैं और उन पर काम करने की कोशिश करते हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री को अच्छा श्रोता और अच्छा पर्यवेक्षक बताया.

आरक्षण पर अपने विचार को दोहराते हुए मैथिली ठाकुर ने कहा कि वह एक ऐसे समाज की बात करती हैं जहां युवाओं को समान अवसर मिलें. सभी युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए और उनके साथ उनके सरनेम या पहचान के आधार पर अलग व्यवहार नहीं होना चाहिए.

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बिहार की लड़कियों को मैथिली ठाकुर की सलाह

मैथिली ठाकुर ने बिहार की लड़कियों से कहा कि वे पढ़ाई हो, खेल हो या कोई अन्य क्षेत्र, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करें. लड़कियों को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए और जिस क्षेत्र में उनकी रुचि हो, उसमें मेहनत और फोकस के साथ आगे बढ़ना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अगर किसी लड़की की खेल में रुचि है तो उसे उस खेल के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए और पूरी मेहनत के साथ उसे करियर के तौर पर अपनाने की कोशिश करनी चाहिए.

मैथिली ने कहा कि आज कई लड़कियां उनसे मिलकर पूछती हैं कि वे भी किस तरह आगे बढ़ सकती हैं. उन्होंने ऐसी लड़कियों से कहा कि अगर वे किसी खेल में रुचि रखती हैं और मेहनत करने के लिए तैयार हैं तो वे भी आगे बढ़ सकती हैं.

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