बिहार के कटिहार में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा अब जनप्रतिनिधियों के सामने खुलकर सामने आने लगा है. जिले के 7 प्रखंड बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं और करीब 8 लाख 23 हजार 732 लोग बाढ़ की चपेट में हैं. इसी बीच बाढ़ प्रभावित मोहना चांदपुर गांव पहुंचे प्रभारी मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी और जेडीयू विधायक विजय सिंह निषाद को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. बाढ़ पीड़ितों ने दोनों को घेर लिया और 'MP-MLA-मंत्री Go Back' के नारे लगाने लगे. हालात ऐसे बने कि मंत्री और विधायक को बिना राहत कैंप का जायजा लिए ही वापस लौटना पड़ा.
बांध पर ही लोगों ने मंत्री को घेर लिया
कटिहार जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने निकले थे. इसी क्रम में वह बरारी विधानसभा क्षेत्र के मोहना चांदपुर गांव पहुंचे. उनके साथ स्थानीय जेडीयू विधायक विजय सिंह निषाद और जिलाधिकारी भी मौजूद थे. मंत्री और अधिकारी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत व्यवस्था का जायजा लेते, उससे पहले ही बांध पर रह रहे बाढ़ पीड़ितों ने उन्हें रोक लिया.
लोगों ने मंत्री के सामने अपनी परेशानियां गिनानी शुरू कर दीं. बाढ़ पीड़ितों का आरोप था कि सरकार की ओर से राहत दिए जाने के दावे के बावजूद जमीन पर उन्हें पर्याप्त मदद नहीं मिल रही है. कई लोगों ने अब तक पॉलीथिन शीट नहीं मिलने की शिकायत की. वहीं, बाढ़ प्रभावित इलाकों में पर्याप्त कम्युनिटी किचन नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया.
पहले हमारी परेशानी देखिए
बाढ़ पीड़ितों ने मंत्री से प्रभावित जगहों पर जाकर खुद हालात देखने और राहत व्यवस्था की हकीकत जानने की गुहार लगाई. लोगों का कहना था कि वे कई दिनों से बाढ़ के बीच ऊंचे स्थानों और बांध पर रहने को मजबूर हैं. ऐसे में उन्हें भोजन, रहने और दूसरी जरूरी सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है.
शिकायतों के बीच मौके पर माहौल गरम होता चला गया. लोगों ने मंत्री और विधायक पर उनकी बात नहीं सुनने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते 'MP-MLA-मंत्री Go Back' और 'मुरादाबाद' के नारे लगने लगे.
बिना राहत कैंप देखे लौटे मंत्री-विधायक
विरोध बढ़ता देख मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी और विधायक विजय सिंह निषाद को वहां से वापस लौटना पड़ा. दोनों बिना बाढ़ राहत कैंप का निरीक्षण किए ही लौट गए. घटना के बाद इलाके में बाढ़ राहत व्यवस्था को लेकर सरकार और प्रशासन के दावों पर सवाल उठ रहे हैं.
हालांकि, जिला प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक सरकारी राहत पहुंचाई जा रही है. जिलाधिकारी खुद लगातार दुर्गम और सुदूर इलाकों का दौरा कर राहत व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं. लेकिन मोहना चांदपुर में बाढ़ पीड़ितों का खुला विरोध यह दिखाता है कि जमीनी स्तर पर राहत व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी अभी खत्म नहीं हुई है.