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पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद कैदी ने कुएं में लगाई छलांग, अकोला सेंट्रल जेल की सुरक्षा पर उठे सवाल

महाराष्ट्र के अकोला सेंट्रल जेल में पत्नी की हत्या के आरोप में न्यायिक हिरासत में बंद एक विचाराधीन कैदी ने कथित तौर पर जेल परिसर के कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली. जेल प्रशासन के मुताबिक वह पहले भी आत्महत्या की कोशिश कर चुका था. घटना के बाद जेल में सुरक्षा और मानसिक तनाव से गुजर रहे बंदियों की निगरानी पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.

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पहले भी कर चुका था आत्महत्या की कोशिश.(Photo: Dhananjay B.Sable/ITG)
पहले भी कर चुका था आत्महत्या की कोशिश.(Photo: Dhananjay B.Sable/ITG)

महाराष्ट्र के अकोला सेंट्रल जेल में गुरुवार को एक विचाराधीन बंदी की मौत ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पत्नी की हत्या के आरोप में न्यायिक हिरासत में बंद 40 वर्षीय अनिल ओंकार निंबोकार ने कथित तौर पर जेल परिसर के कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक तनाव से गुजर रहे बंदियों की निगरानी को लेकर बहस तेज हो गई है.

मृतक की पहचान अकोला के गजानन नगर, यावलखेड निवासी अनिल ओंकार निंबोकार के रूप में हुई है. प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है. हालांकि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. घटना ने इस सवाल को भी जन्म दिया है कि यदि किसी बंदी के आत्मघाती प्रवृत्ति की जानकारी पहले से थी, तो उसकी निगरानी के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए गए.

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पत्नी की हत्या के आरोप में था जेल में बंद

जानकारी के अनुसार, अनिल निंबोकार अपनी पत्नी की हत्या के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत दर्ज केस में गिरफ्तार हुआ था. अदालत ने 11 अप्रैल 2026 को उसे न्यायिक हिरासत में अकोला सेंट्रल जेल भेजा था.

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गुरुवार को वह अन्य बंदियों के साथ जेल परिसर स्थित खेत में काम कर रहा था. इसी दौरान उसने ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी से कहा कि वह कुएं से पानी लेकर आता है.

जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा तो जेल कर्मचारियों ने उसकी तलाश शुरू की. खोजबीन के दौरान उसका शव जेल परिसर के कुएं में मिला. इसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया.

डॉक्टर ने मृत घोषित किया, पुलिस को दी गई सूचना

घटना की सूचना मिलते ही जेल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललितकुमार अगर चव्हाण मौके पर पहुंचे. जांच के बाद उन्होंने अनिल को मृत घोषित कर दिया.

इसके बाद पुलिस को सूचना देकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी.

जेल अधीक्षक बोले- पहले भी कर चुका था आत्महत्या की कोशिश

अकोला सेंट्रल जेल के अधीक्षक दत्तात्रेय गावड़े ने बताया कि पत्नी की हत्या के बाद अनिल निंबोकार ने जहर पीकर भी आत्महत्या करने की कोशिश की थी. वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था.

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उन्होंने बताया कि गुरुवार को वह खेत में काम कर रहा था. उसने कर्मचारियों से पानी लेने जाने की बात कही थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आया. तलाश करने पर उसका शव कुएं में मिला.

जेल अधीक्षक के इस बयान के बाद यह सवाल और गहरा गया है कि जब बंदी की मानसिक स्थिति और पहले के आत्महत्या के प्रयास की जानकारी थी, तो उसकी निगरानी और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम क्यों नहीं किए गए.

पहले भी मौतों को लेकर घिर चुका है जेल प्रशासन

घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक तनाव से गुजर रहे बंदियों की नियमित काउंसलिंग और विशेष निगरानी जेल प्रशासन की जिम्मेदारी होती है.

गौरतलब है कि मई 2026 में भी अकोला सेंट्रल जेल में 48 घंटे के भीतर दो बंदियों की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हुई थी. अब कुछ ही महीनों बाद हुई इस घटना ने एक बार फिर जेल प्रबंधन की व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है.

सिटी कोतवाली थाना प्रभारी संजय गवई ने बताया कि मामले में आकस्मिक मृत्यु (AD) दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी.

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