गुरुग्राम में होम लोन आवेदन खारिज होने के बाद एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि कर्मचारी को बातचीत के बहाने होटल बुलाया गया, जहां उसके साथ गाली-गलौज की गई, मारपीट की गई और बीयर की खाली बोतल से हमला किया गया. पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मामले की जांच जारी है.
पुलिस के मुताबिक, 10 जुलाई को सेक्टर-9 थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई. शिकायतकर्ता ने बताया कि वह एक फाइनेंस कंपनी में काम करता है. कंपनी के पूर्व कर्मचारी रोहित मिश्रा ने उसे आशीष नाम के व्यक्ति के होम लोन आवेदन से जुड़ी फाइल दी थी.
शिकायत के अनुसार, 9 जुलाई को रोहित मिश्रा और आशीष ने उसे लोन के संबंध में बातचीत करने के लिए लक्ष्मण विहार स्थित एक होटल में बुलाया. शिकायतकर्ता अपने एक सहकर्मी के साथ होटल पहुंचा. वहां पहले से ही रोहित मिश्रा, आशीष और उनके तीन अन्य साथी मौजूद थे.
आरोप है कि होटल पहुंचते ही सभी ने लोन आवेदन खारिज होने को लेकर शिकायतकर्ता के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी. इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई. शिकायत के अनुसार, रोहित मिश्रा ने उसके सिर पर बीयर की खाली बोतल से वार किया. वहीं अन्य आरोपियों ने लात-घूंसों से उसकी पिटाई की.
मारपीट के दौरान जान से मारने की धमकी देने का आरोप
हमले में शिकायतकर्ता को गंभीर चोटें आईं. आरोप है कि मारपीट के दौरान उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई. शिकायत मिलने के बाद सेक्टर-9 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंगलवार को लक्ष्मण विहार इलाके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 27 वर्षीय रोहित मिश्रा के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बलिया का रहने वाला है. दूसरा आरोपी 36 वर्षीय आशीष है, जो गुरुग्राम के लक्ष्मण विहार फेज-2 का निवासी है. तीसरा आरोपी 41 वर्षीय चरण सिंह है, जो गुरुग्राम के सूरत नगर फेज-1 में रहता है. चौथा आरोपी 24 वर्षीय धर्मेंद्र सिंह है, जो राजस्थान के धौलपुर का रहने वाला है.
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि शिकायतकर्ता ने आरोपियों के लोन आवेदन को आगे प्रोसेस के लिए भेजने के बजाय अपने पास ही रोक रखा था. जांच में यह भी सामने आया कि पूर्व कर्मचारी रोहित मिश्रा का करीब 30 हजार रुपये का वेतन भी लंबित था.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
पुलिस के अनुसार, इन्हीं कारणों से आरोपियों ने शिकायतकर्ता के साथ मारपीट की और उसे धमकाया. सभी आरोपियों को शहर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.