बिहार विधान परिषद चुनाव की मतगणना में अब तक 8 में से 4 शिक्षक निर्वाचन सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. बीजेपी ने तिरहुत और सारण शिक्षक सीट पर जीत दर्ज की है. वहीं, पटना शिक्षक सीट पर RJD के डॉ. संजीव और दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय चुनाव जीत गए हैं. चारों स्नातक निर्वाचन सीटों के नतीजों का अभी इंतजार है.
अब तक घोषित नतीजों के मुताबिक, पटना शिक्षक निर्वाचन सीट से RJD के डॉ. संजीव ने 1,057 वोटों से जीत दर्ज की. तिरहुत शिक्षक निर्वाचन सीट पर बीजेपी के नरेंद्र सिंह 600 वोटों से चुनाव जीते. सारण शिक्षक निर्वाचन सीट पर बीजेपी के बागी उम्मीदवार और निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने दूसरी वरीयता के मतों के आधार पर 1,815 वोटों से जीत हासिल की. वहीं, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन सीट से जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय विजयी रहे.
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए मतगणना जारी है. इनमें चार शिक्षक निर्वाचन सीटों के नतीजे आ चुके हैं, जबकि स्नातक निर्वाचन सीटों पर परिणाम घोषित होना बाकी है. मतगणना कल सुबह 8 बजे शुरू हुई थी. बैलेट पेपर से वोटों की गिनती और दूसरी वरीयता के मतों की गणना के कारण अंतिम नतीजे आने में देरी हो रही है.
जीत के बाद नीरज कुमार का अनंत सिंह पर निशाना
पटना स्नातक सीट पर जीत तय होने के बाद JDU नेता नीरज कुमार ने आजतक से खास बातचीत में इसे NDA की जीत बताया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सवाल उठाने वालों को इसका जवाब मिल गया है. नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में धनबल और बाहुबल की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. रसगुल्ले बंटवाने की चर्चा पर उन्होंने कहा, हमने रसगुल्ला नहीं बनवाया, हम तो बस जो लोग आते हैं, उनको चाय पिला देते हैं. मोकामा में भविष्य में विधानसभा उपचुनाव होने की स्थिति पर उन्होंने कहा कि वह अपने स्टैंड पर कायम रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि NDA जब अच्छा उम्मीदवार देगी, तो वह मोकामा जाकर उसके लिए काम करेंगे. नीरज कुमार के घर मोकामा मोलदियार टोला के पास जश्न में जमकर पटाखे फोड़े जा रहे हैं. वहीं समर्थक सड़क पर जश्न मना रहे हैं.
नीरज कुमार की जीत के बाद अनंत सिंह के आवास पर पसरा सन्नाटा
नीरज कुमार की जीत कंफर्म होते ही पटना में अनंत सिंह के आवास पर सन्नाटा पसर गया. एक दिन पहले तक यहां जश्न का माहौल था, लेकिन अनुज सिंह की हार के बाद तस्वीर बदल गई. हार पर अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें इसका कोई मलाल नहीं है. उन्होंने कहा, वोट कोई दुकान से खरीदकर लाने की चीज नहीं है. जनता मालिक है और जनता जिसे वोट देती है, वही जीतता है. अनंत सिंह ने माना कि उनके समर्थित प्रत्याशी को उम्मीद से कम वोट मिले, लेकिन उन्हें इस बात की खुशी है कि जनता ने उन्हें इतने वोट दिए. उन्होंने यह भी कहा कि पटना स्नातक सीट का चुनाव आम जनता का चुनाव नहीं होता. इसमें वही लोग वोट करते हैं, जिन्होंने पहले से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया होता है. उनके मुताबिक, नीरज कुमार और दूसरे प्रमुख प्रत्याशी लंबे समय से अपने वोटर तैयार कर रहे थे, जबकि उनके समर्थित प्रत्याशी को इलाके में लोग ठीक से जानते तक नहीं थे.