बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव पूरे देश और राज्य की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है. बीजेपी के लिए यह सीट जीतना सिर्फ एक विधायक की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक साख और सियासी गढ़ को बचाए रखने का चैलेंज भी है. बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने बांकीपुर उपचुनाव में जीत दर्ज करने के लिए खुद ही मोर्चा संभाल लिया है.
बीजेपी के लिए बांकीपुर उसकी सबसे सुरक्षित शहरी सीटों में से एक रही है. इस सीट का लगभग दो दशक तक प्रतिनिधित्व नितिन नवीन ने किया, लेकिन पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और राज्यसभा भेजे जाने के बाद विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी थी. इसीलिए बांकीपुर सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं.
बांकीपुर का उपचुनाव बीजेपी के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि बिहार में बीजेपी के सीएम बनने के बाद पहला चुनाव हो रहा है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की कर्मभूमि रही है. बीजेपी को मात देने के लिए जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान में है और पूरी ताकत झोंक दी है. ऐसे में बीजेपी के उम्मीदवार नीरज सिन्हा की जीत को सुनिश्चित करने के लिए नितिन नवीन ने मोर्चा संभाल लिया है.
बांकीपुर फतह करने में जुटे नितिन नवीन
पटना जिले की बांकीपुर विधानसभा सीट बिहार की ऐसी सीट है, जिसकी पहचान नितिन नवीन के नाम से है. बांकीपुर से नितिन नवीन खुद पांच बार विधायक रहे हैं तो उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी चार बार विधायक रह चुके हैं. बांकीपुर सीट पर 1995 से बीजेपी का कब्जा है. ये बताता है कि बीजेपी की जड़े बांकीपुर में कितनी गहरी है.
बीजेपी के मजबूत दुर्ग बांकीपुर से प्रशांत किशोर अपना चुनावी डिब्यू कर रहे हैं तो बीजेपी ने नीरज सिन्हा पर दांव खेला है. आरजेडी ने रेखा गुप्ता को चुनावी मैदान में उतार रखा है, जो 2025 में चुनाव लड़ चुकी हैं और पटना की मेयर भी रही हैं. बीजेपी को मात सियासी मात देने के लिए विपक्ष अपना सियासी तानाबाना बुनने में जुटे हैं. ऐसे में नितिन नवीन किसी तरह की कोई गुंजाइश नहीं रखना चाहते हैं, जिसके लिए बांकीपुर पहुंचकर डेरा जमा दिया है.
बीजेपी को जिताने का नितिन नवीन प्लान
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार शाम बिहार के दो दिवसीय बिहार दौरे पर पटना पहुंचे. बांकीपुर नितिन नवीन के परिवार की परंपरागत सीट रही है, जिसके चलते भले ही नीरज सिन्हा को जिताने का जिम्मा उनके कंधों पर है. देर शाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजपा अध्यक्ष से मिलने उनके आवास पर पहुंचे. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बांकीपुर उपचुनाव सहित राज्य की राजनीतिक हालातों पर चर्चा हुई.
1995 से ही इस सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा है. इसके बावजूद पार्टी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है. नितिन नवीन ने सोमवार को बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव की तैयारियों का जायजा लिया.अपने गृह नगर के दौरे पर आए नवीन ने शाम को एक बैठक की, जिसमें राज्य BJP अध्यक्ष संजय सरावगी, महासचिव (संगठन) भिखूभाई दलसानिया और कई अन्य पदाधिकारी तथा बूथ स्तर के कार्यकर्ता मौजूद थे.
बिहार बीजेपी के मुताबिक नितिन नवीन ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से एनडीए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा की जीत सुनिश्चित करने के लिए लगन से काम करने का आह्वान किया.माना जा रहा है कि मंगलवार को नितिन नवीन बीजेपी के प्रदेश भाजपा मुख्यालय में प्रदेश के नेताओं, प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. इस तरह से नितिन नवीन दिल्ली लौटने से पहले बांकीपुर सीट पर नीरज सिन्हा की जीत की मजबूत आधारशिला रख देना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि बांकीपुर हारने का मतलब सीधे उनसे जोड़ा जाएगा.
JDU-BJP ने हर बूथ जीतने का रखा टारगेट
बांकीपुर सीट को बीजेपी के साथ-साथ जेडीयू ने भी अपनी साख का सवाल बना लिया है. जेडीयू ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उप चुनाव को ले अपने कार्यकर्ताओं को कई टास्क दिए हैं. सोमवार को जदयू प्रदेश कार्यालय में इस उ चुनाव को लेकर बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के जदयू नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की बैठक में एनडीए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को ऐतिहासिक मतों से विजयी बनाने के लिए चुनावी रणनीति एवं संगठनात्मक तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई.
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा,भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्राफ, विधान परिषद मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी शामिल हुए.
बीजेपी के बिहार अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि एनडीए ने मंडल स्तर के एक साधारण कार्यकर्ता नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है और यह कार्यकर्ता-आधारित राजनीतिक संस्कृति केवल एनडीए में ही संभव है. उन्होंने एनडीए के कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक पूरी एकजुटता के साथ सक्रिय होकर प्रत्येक मतदाता तक पहुंचने और नीरज कुमार सिन्हा की प्रचंड बहुमत से जिताने का आह्वान किया.