पिछले साल 22 सितंबर को नए जीएसटी रेट्स लागू हुए थे. जीएसटी 2.0 (GST 2.0) लागू होने के बाद भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में बहुत कुछ बदला है. त्योहारी सीजन से पहले सरकार की ओर से हुए ऐलान के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर को एक बूस्ट मिला. अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच कंपनियों ने 3 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बेच दी हैं.
एक साल पहले यानी अक्टूबर 2024 से अगस्त 2025 के मुकाबले सेल्स में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है. फाडा (फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन) की मानें, तो जीएसटी 2.0 से पहले ये तेजी 5 फीसदी से भी कम थी. यानी कंपनियों को और सेक्टर को जीएसटी दरों में हुए बदलाव का फायदा मिला है.
फाडा (FADA) प्रेसिडेंट साई गिरधर ने इस मौके पर बताया, 'एक साल पहले, एक फैसले ने लाखों भारतीय परिवारों की महत्वाकांक्षाओं को फिर से लिखा था. एक साल पूरा होने पर इसके प्रभाव को नंबर्स में देखा जा सकता है. 11 महीनों में 3 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बिकी हैं. ईयर-ऑन-ईयर ये ग्रोथ 20 फीसदी की है.'
सबसे बड़ा सवाल है कि गाड़ियों की ये अतिरिक्त मांग आ कहां से रही है. असली मांग मार्केट के अफोर्डेबल पॉइंट पर देखने को मिली है. एक परिवार जो टू-व्हीलर से फोर-व्हीलर पर स्विच करता है, उसके लिए जीएसटी दरों में हुए बदलाव काफी मायने रखते हैं. क्योंकि नई दरों की वजह से कारों की ओवर ऑल ऑन-रोड कीमत कम होती है.
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मारुति सुजुकी इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्ट हिसाशी तेकुची ने बताया, 'एक साल पहले हुए जीएसटी बदलाव ने भारत की ग्रोथ को एक नई शुरुआत दी. मारुति सुजुकी की पैसेंजर व्हीकल सेल्स में अप्रैल से अगस्त 2026 में ईयर-ऑन-ईयर 36 परसेंट की ग्रोथ है. एंट्री लेवल सेगमेंट में ये ग्रोथ 96 परसेंट तक की है. गाड़ियां सस्ती होने से बहुत से लोगों की पहुंच इन तक हो पाई है.'
पैसेंजर व्हीकल मार्केट जीएसटी 2.0 के प्रभाव का सिर्फ एक हिस्सा है. फाडा की मानें, तो टू-व्हीलर मार्केट 2018 के बाद अपने पीक पर दोबारा आया है. शहरी इलाकों के मुकाबले ग्रामीण बाजार तेजी से बढ़ रहे हैं. कुल मिलाकर जीएसटी दरों में हुए बदलाव का असर लगभग हर सेगमेंट की सेल्स में देखने को मिला है.
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GST 2.0 के तहत ऑटो सेक्टर में बड़े बदलाव हुए थे. चार मीटर से छोटी, 1200 सीसी तक की पेट्रोल और 1500 सीसी तक की डीजल कारों पर जीएसटी दर को 28 परसेंट से घटाकर 12 परसेंट कर दिया गया था. वहीं 4 मीटर से बड़ी कारों पर जीएसटी दर को 40 परसेंट पर फिक्स कर दिया गया था. पहले ये 43 से 50 परसेंट तक जाता था.
इलेक्ट्रिक कारों पर जीएसटी को 5 परसेंट रखा गया था. टू-व्हीलर सेगमेंट की बात करें, तो 350 सीसी से कम पावर वाली बाइक्स पर जीएसटी दर को 28 परसेंट से घटाकर 18 परसेंट कर दिया गया था. वहीं 350 सीसी से ऊपर की बाइक्स पर जीएसटी को 40 परसेंट कर दिया गया था.