चीनी कंपनी बीवाईडी (BYD) भारतीय बाजार में अपने लग्जरी ब्रांड डेंजा (Denza) को इंट्रोड्यूस करने वाली है. कंपनी की इस अप्रोच को आप उनकी मौजूदा सेल्स को देखकर समझ सकते हैं. सितंबर महीने में कंपनी ने कुल 1137 कारें बेची हैं. पिछले साल की तुलना में कंपनी ने इस साल अच्छी ग्रोथ हासिल की है.
अगर आप मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी कंपनी से हिसाब से देखेंगे, तो ये आंकड़ा बहुत छोटा है. लेकिन जब आप इन आंकड़ों को कंपनी के सेगमेंट, पोर्टफोलियो और बिक्री के पिछले आंकड़ों से जोड़कर देखेंगे, तो आपको ग्रोथ नजर आएगी. आइए समझते हैं बीवाईडी भारतीय बाजार में खुद को कैसे आगे बढ़ा रही है.
ऑटो पंडित्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल सितंबर यानी 2025 के सितंबर में कंपनी ने 513 कारें डिस्पैच की थीं. जो इस साल सितंबर महीने में बढ़कर 1137 यूनिट्स तक पहुंच गई हैं. यानी ईयर-ऑन-ईयर कंपनी ने 121.6 परसेंट की ग्रोथ हासिल की है. ब्रांड ने 624 कारें ज्यादा बेची हैं. ग्रोथ की वजह सीलॉयन 7 और ऐटो 3 की डिमांड है.
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इन दोनों इलेक्ट्रिक कारों की कंपनी की कुल सेल्स में हिस्सेदारी 92 परसेंट है. कंपनी के पोर्टफोलियो में कुल चार मॉडल शामिल हैं, जिसमें सीलॉयन 7 और ऐटो 3 सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियां हैं. सीलॉयन 7 टॉप सेलर है, जिसकी 530 यूनिट्स सितंबर में बिकी हैं.
पिछले साल सितंबर में कंपनी ने इस कार की 216 यूनिट्स को बेचा था. यानी ईयर-ऑन-ईयर इस महीने कार की ग्रोथ 145.4 परसेंट की है. वहीं बीवाईडी ऐटो 3 दूसरी सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है, जिसकी 519 यूनिट्स सितंबर में बिकी हैं. पिछले साल इस महीने ऐटो 3 की 199 यूनिट्स कंपनी के बेची थीं.
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यानी ईयर-ऑन-ईयर इस कार की ग्रोथ 160.8 परसेंट की है. ईमैक्स 7 की बात करें, तो इसकी सेल्स में गिरावट आई है. जहां पिछले सितंबर कंपनी ने 88 ईमैक्स 7 डिस्पैच की थीं. वहां इस सितंबर में ये आंकड़ा 76 यूनिट्स पर ही सिमट गया है. सबसे कम बिकने वाली बीवाईडी सील है, जिसकी सिर्फ 12 यूनिट्स ही डिस्पैच हुई हैं.
बीवाईडी फिलहाल भारत में पूरी तरह से कार को मैन्युफैक्चर नहीं करती है. कंपनी सीकेडी या फिर एसकेडी (सेमी नॉक्ड डाउन) रूट से कारों को लाती है और उन्हें अपने चेन्नई के श्रीपेरंबुदूर प्लांट में असेंबल करती है. चूंकि भारत में कई कारणों से बीवाईडी अभी तक लोकली मैन्युफैक्चरिंग की मंजूरी नहीं मिली है, इसलिए कंपनी इन रूट्स के जरिए कारों को मंगा रही है. जहां इन कारों की कीमतें अच्छी खासी बढ़ जाती हैं. डेंजा की कारें भी कंपनी इसी रूट से ला सकती है, जिनका फोकस लग्जरी सेगमेंट के खरीदारों पर होगा.