पश्चिम एशिया में शनिवार को दो घटनाएं सामने आईं. यमन में सऊदी अरब के हवाई हमले में तीन बच्चों की मौत का दावा किया गया है. वहीं, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों के लोगों के हमले में घायल एक पत्रकार को सर्जरी करानी पड़ी. हूती विद्रोहियों ने यमन में हुए हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि सऊदी अरब की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के मुताबिक, यमन के दक्षिण-पश्चिमी धमार प्रांत में सऊदी अरब के हवाई हमलों में तीन बच्चों की मौत हो गई. हूती नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को धावरान अनेस जिले के अल-अर गांव में घरों को निशाना बनाया गया. इस हमले में 8 साल के एक बच्चे और 10 साल के दो बच्चों की मौत हुई, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए.
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हूती विद्रोहियों ने इस हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार बताया है. यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब हूती समूह और सऊदी अरब और उसके यमनी सहयोगियों के बीच लड़ाई तेज हुई है. सऊदी अरब ने हमले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की. हूती स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि सितंबर में लड़ाई दोबारा शुरू होने के बाद से उनके नियंत्रण वाले इलाकों में 124 लोगों की मौत हो चुकी है.
वेस्ट बैंक में पत्रकार पर हमला, कई हड्डियां टूटीं
वहीं, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों के लोगों के हमले में घायल वॉशिंगटन पोस्ट की फोटोग्राफर हाइडी लेविन की शनिवार को सर्जरी हुई. उनकी बेटी एशले मिलनर ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि हमले में उनकी मां के बाएं हाथ की एक उंगली लगभग कट गई थी. घाव इतना गहरा था कि हड्डी तक कट गई और टेंडन दिखाई दे रहा था. लेविन की एक पसली और रीढ़ की कई हड्डियां भी टूट गई हैं. उनके शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं.
शुक्रवार को इजरायली बस्तियों के लोगों ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक के कई फिलिस्तीनी गांवों में हमला किया. इस दौरान कारों और पेड़ों में आग लगाई गई और स्थानीय लोगों के साथ लेविन को भी पीटा गया. यह हिंसा इस महीने चल रही सालाना जैतून की फसल की कटाई के दौरान हुई है.
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हेलमेट और 'प्रेस' लिखा सुरक्षा कवच ने बचाई जान
लेविन के मुताबिक, हमलावरों के पास बोतलें और गुलेल थीं. उन्होंने करीब 10 मिनट तक उन्हें लातों से मारा. लेविन ने अपने कैमरे और बैग को बचाने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि हेलमेट और 'प्रेस' लिखा सुरक्षा कवच पहनने की वजह से उन्हें और गंभीर चोटें नहीं आईं.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल फिलिस्तीनियों के खिलाफ बस्तियों के लोगों की हिंसा बढ़ी है. 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायल के चुनाव से पहले इसमें और तेजी आई है. स्थानीय लोगों और मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि इजरायली अधिकारी इन हमलों को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं.
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