अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) आखिरकार पश्चिम एशिया से घर लौट रहा है. ईरान के साथ जंग के बीच इस युद्धपोत ने 9 महीने से ज्यादा समय समुद्र में बिताया. करीब 5,000 सैनिकों और मरीन वाले इस कैरियर की लंबी तैनाती के दौरान सैनिकों की मानसिक सेहत, थकान और जहाज पर खाने की कथित कमी को लेकर गंभीर सवाल उठे थे. अब अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि लिंकन के सैनिक और मरीन वापस लौटने की यात्रा शुरू कर चुके हैं.
USS Abraham Lincoln 21 नवंबर 2025 को सैन डिएगो से रवाना हुआ था. बाद में फरवरी में ईरान के साथ जंग शुरू होने के बाद इसे पश्चिम एशिया भेज दिया गया. इस दौरान कैरियर अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए हजारों एयरक्राफ्ट का अहम प्लेटफॉर्म बना. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहाज ने 200 से ज्यादा दिनों तक किसी पोर्ट पर रुके बिना समुद्र में समय बिताया.
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सैनिकों की मानसिक सेहत को लेकर उठे सवाल
लंबी तैनाती के बीच सैनिकों के परिवारों ने जहाज पर हालात को लेकर चिंता जताई. कुछ परिवारों ने मानसिक तनाव और अत्यधिक थकान की शिकायत की. एक सैनिक के परिवार ने दावा किया कि उसने करीब 29 किलो वजन गंवा दिया और लगातार थकान से जूझ रहा था.
हालांकि, अमेरिकी नौसेना ने जहाज पर सुसाइड अटेम्प्ट या आत्महत्या से जुड़े विचारों में बढ़ोतरी की खबरों को खारिज किया है. नौसेना ने कहा कि लिंकन पर ऐसी घटनाओं में कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई. 3 अगस्त को एक सैनिक के समुद्र में गिरने की घटना की जांच जरूर चल रही है, लेकिन उसे सुसाइड से जोड़कर पुष्टि नहीं की गई है.
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260 दिन की तैनाती पर ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी लंबी तैनाती को लेकर सवाल पर कहा था कि 260 दिन समुद्र में रहना "जरा भी ज्यादा नहीं" है. वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने लिंकन के क्रू की तारीफ करते हुए माना कि लंबे समय तक समुद्र में रहना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. अब जापान में तैनात USS George Washington ने क्षेत्र में लिंकन की जगह ले ली है. लिंकन की सैन डिएगो वापसी में करीब तीन हफ्ते लगने की उम्मीद है. परिवारों के लिए यह लंबी अनिश्चितता के बाद राहत की खबर है.
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