ब्रिटेन में अमेरिकी सेना के एक सैन्य एयरबेस में घुसने के आरोप में गिरफ्तार आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है. दोनों लातविया के नागरिक हैं और उनकी उम्र 32 और 36 साल बताई जा रही है. ब्रिटिश काउंटर टेररिजम पुलिस ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी. दोनों को गुरुवार को पूर्वी इंग्लैंड के RAF मोल्सवर्थ एयरबेस के अंदर से गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल मामले की जांच जारी है और दोनों को सख्त शर्तों के साथ जमानत दी गई है.
पुलिस के मुताबिक, दोनों को प्रतिबंधित प्रवेश वाली जगहों पर घुसने की आशंका में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि वे एयरबेस में क्यों पहुंचे थे. लंदन की आतंकवाद रोधी पुलिस की प्रमुख कमांडर हेलेन फ्लैनागन के मुताबिक, जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि दोनों वहां किस मकसद से पहुंचे थे. साथ ही यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि उनका किसी भी तरह के आतंकवादी गतिविधि से संबंध है या नहीं.
कुछ हफ्ते पहले ब्रिटेन के भी RAF फेयरफोर्ड एयरबेस को निशाना बनाने की कथित साजिश का मामला सामने आया था. पश्चिमी इंग्लैंड में स्थित इस एयरबेस को अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए इस्तेमाल कर चुकी है. साजिश की खबर सामने आने के बाद ब्रिटेन में सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी.
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हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे RAF मोल्सवर्थ की घटना को RAF फेयरफोर्ड की कथित साजिश से जोड़ा जा सके.
आरोपियों के मकसद का पता लगाने में जुटी पुलिस
दोनों आरोपियों को जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि जांच खत्म हो गई है. पुलिस अब भी उनके एयरबेस तक पहुंचने के कारणों का पता लगा रही है.
अभी यह भी साफ नहीं है कि वे किसी बड़ी योजना के तहत वहां पहुंचे थे या मामला किसी दूसरी गतिविधि से जुड़ा था. जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी. फिलहाल, इस घटना ने अमेरिकी सेना के इस्तेमाल वाले ब्रिटिश सैन्य ठिकानों की सुरक्षा पर एक बार फिर ध्यान खींचा है.
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