ब्रिटेन में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, यहूदियों के त्योहार से पहले हमले की थी प्लानिंग, ईरानी कनेक्शन आया सामने

ब्रिटेन में यहूदियों के सबसे पवित्र त्योहार से ठीक पहले दहलाने की तैयारी थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया. यहूदी समुदाय को निशाना बनाने की फिराक में लगे दो ईरानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है.

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 यहूदी समुदाय थे आतंकियों का निशाना (Photo-Representational) यहूदी समुदाय थे आतंकियों का निशाना (Photo-Representational)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST

ब्रिटेन में एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है. उत्तरी इंग्लैंड में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे दो ईरानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. इस हमले की टाइमिंग यहूदियों के पवित्र त्योहार के ठीक पहले की थी.

इस साजिश का खुलासा कर पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि योम किप्पुर त्योहार के मौके पर हमला करने की प्लानिंग की गई थी. इस त्योहार यहूदी कैलेंडर का सबसे पवित्र दिन माना जाता है. साजिश में शामिल आरोपियों की पहचान 35 साल के सालेही और 36 साल के सलाम अहमद्यान के रूप में हुई है.

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जांच एजेंसियों के मुताबिक, दोनों आरोपी बम बनाने की तैयारी कर रहे थे. उन्होंने IED बनाने के लिए सामान और पुर्जे जुटाने की कोशिश की थी और हमले वाली जगह की रेकी भी की थी. यह घटना ऐसे समय पर सामने आई हैं, जब ब्रिटेन में यहूदी-विरोधी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं.

खासकर अक्टूबर 2023 में इजरायल पर हमास के हमले और उसके बाद गाजा में जंग शुरू होने के बाद से हालात और बिगड़े हैं. इस साल की शुरुआत में लंदन में यहूदी ठिकानों पर कई हमले हो चुके हैं. इसी बीच अमेरिका से जुड़े एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाने की एक और संदिग्ध साजिश को लेकर भी तनाव बना हुआ है.

यह भी पढ़ें: तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर, 10 हजार सैनिक मिडिल ईस्ट भेज रहे ट्रंप, क्या ईरान पर हमले का है प्लान?

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ब्रिटेन पर मंडरा रहा ईरान का खतरा

ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने इस मामले पर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ये बात छिपी नहीं है कि ब्रिटेन को ईरानी शासन से गंभीर खतरा है. वो हमारे यहूदी समुदायों को निशाना बनाते हैं और विदेश में अपने आलोचकों को चुप कराने की कोशिश करते हैं.

शबाना ने कहा कि इन करतूतों के लिए ईरान अपने प्रॉक्सी और आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल करता है, ताकि उसका नाम सामने ना आए. हालांकि, ईरान ने हमेशा ऐसे सभी आरोपों को हमेशा सिरे से खारिज किया है. फिलहाल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच के बाद ही सामने आएगा कि इस साजिश के तार और कहां-कहां से जुड़े है.

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