आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर अमेरिका और चीन के बीच बातचीत हुई, लेकिन दोनों देशों का रुख अलग नजर आया. चीन के राष्ट्रपतिशी जिनपिंग से बातचीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि 'अमेरिका AI के मामले में चीन से बहुत आगे है'. इसलिए वह चीन के साथ AI पहलों को 'इंटीग्रेट' नहीं करना चाहते. वहीं, चीन ने कहा कि वह AI के लिए अमेरिका की ओर से इस्तेमाल किए गए 'Super Intelligence' नाम का सम्मान करता है. बीजिंग ने आगे इस मुद्दे पर बातचीत की गुंजाइश भी बताई है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही. उन्होंने बताया कि इस हफ्ते चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ AI पर लंबी बातचीत हुई थी. ट्रंप ने इस तकनीक के लिए 'Super Intelligence' यानी 'SI' शब्द का इस्तेमाल किया. उनका कहना था कि अमेरिका AI में चीन से काफी आगे है और वह अपनी इस बढ़त को बनाए रखना चाहता है.
जब आगे हैं तो साथ क्यों इंटीग्रेट करें?
ट्रंप का कहना था कि वह चीन के साथ AI से जुड़ी पहलों को 'इंटीग्रेट' नहीं करना चाहते, क्योंकि अमेरिका इस तकनीक में चीन से काफी आगे है. उनके मुताबिक, जब कोई देश किसी तकनीक में बढ़त बनाए हुए हो, तो वह अपनी बढ़त दूसरे देश के साथ साझा नहीं करता. ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन अमेरिका की तरक्की को रोकना चाहता है. हालांकि, शी जिनपिंग के साथ हुई बातचीत में AI के मुद्दे पर ज्यादा समय नहीं दिया गया.
चीन ने कहा- अमेरिकी पसंद का सम्मान करते हैं
ट्रंप के बयान के बाद चीन की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन AI के लिए अमेरिका की ओर से चुने गए 'Super Intelligence' शब्द का सम्मान करता है. यह प्रतिक्रिया शी जिनपिंग की हालिया अमेरिका यात्रा के नतीजों पर अमेरिका की ओर से जारी बयान के बाद आई. उस बयान में 'Artificial Intelligence' की जगह 'Super Intelligence' शब्द का इस्तेमाल किया गया था.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि शी जिनपिंग और ट्रंप ने अपनी मुलाकात के दौरान AI पर गहराई से चर्चा की थी. चीन इस बात को महत्व देता है कि अमेरिकी पक्ष AI के लिए कौन सा शब्द इस्तेमाल करना चाहता है.
बीजिंग ने बातचीत की गुंजाइश रखी
चीन ने कहा कि AI का विकास लगातार जारी रहने वाली प्रक्रिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि आने वाले समय में इस तकनीक के विकास के साथ दोनों पक्ष इस मुद्दे पर बातचीत कर सकते हैं. दोनों देश अपने विचारों का गहराई से आदान-प्रदान करके किसी साझा सहमति तक पहुंचने की कोशिश भी कर सकते हैं. इस तरह ट्रंप ने चीन के साथ AI पहलों को 'इंटीग्रेट' करने से दूरी की बात कही है, जबकि चीन ने इस मुद्दे पर आगे बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया है.
शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की राजकीय यात्रा पर थे. इस दौरान उन्होंने ट्रंप के साथ दोनों देशों के संबंधों समेत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की. दोनों नेताओं के बीच AI को लेकर भी विस्तार से बातचीत हुई. AI पर दोनों देशों के बयानों से फिलहाल इतना साफ है कि वॉशिंगटन अपनी तकनीकी बढ़त को लेकर सतर्क है. दूसरी तरफ, बीजिंग ने इस मुद्दे पर आगे संवाद की संभावना से इनकार नहीं किया है.
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