अब हूतियों को सऊदी का जवाब, 24 घंटे के अंदर यमन के 4 राज्यों में 32 एयर स्ट्राइक!

हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब के एयरपोर्ट, एयरबेस पर हमला ताबड़तोड़ हमला कर कोहराम मचा दिया था. अब जवाब देने की बारी सऊदी अरब की है. सऊदी समर्थित यमन की सरकारी सेना ने हूती विद्रोहियों के कई ठिकानों पर एयर स्ट्राइक किए हैं.

Advertisement
यमन के ताइज प्रांत में सऊदी समर्थित यमन की सेना हूतियों पर हमला करते हुए. (Photo: AFP) यमन के ताइज प्रांत में सऊदी समर्थित यमन की सेना हूतियों पर हमला करते हुए. (Photo: AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:27 PM IST

यमन में संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है. बुधवार सुबह हूती प्रवक्ता नसरुद्दीन आमेर ने एक्स पर दावा किया कि सऊदी समर्थित सेना ने रातभर में यमन के चार प्रांतों ताइज, होदेदा, जौफ और मरीब में कुल 32 एयर स्ट्राइक किए. यह जवाबी कार्रवाई हूतियों द्वारा सऊदी अरब की कई तेल रिफाइनरियों और पब्लिक यूटिलिटी केंद्रों पर किए गए हमलों के ठीक एक दिन बाद हुई है. हूतियों के उन हमलों में 73 लोग घायल हुए थे. सऊदी समर्थित यमन की सेना ने यमन के जिन 4 प्रांतों में हमला किया है वहां हूती विद्रोहियों का कब्जा है. 

Advertisement

इसके बाद सऊदी अरब ने ये जवाबी कार्रवाई की है. इन हमलों में तत्काल कोई नुकसान या हताहत होने की रिपोर्ट नहीं आई है. सऊदी अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. 

यह हमला दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चली आ रही तनावपूर्ण स्थिति का बड़ा विस्तार है. पिछले कुछ हफ्तों से हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी सेना के बीच झड़पें तेज हो गई थीं, जिसने यमन के गृहयुद्ध में चार साल से चल रहे युद्धविराम को तोड़ दिया है. 

सऊदी अरब के न्यूज चैनल 'अल-अरबिया' और 'अल-हदाथ' की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को यमन में कई मोर्चों पर झड़पें बढ़ने के साथ ही सैन्य अभियान तेज हो गए.

सऊदी समर्थित यमन की सेना ने बुधवार को कहा कि उन्होंने दक्षिणी मारिब में बड़े पैमाने पर एक अभियान शुरू किया है. 

Advertisement

सऊदी समर्थति यमनी सेना ने बताया कि ताइज के तोइल और अल-बारा मोर्चों पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के साथ लड़ाई जारी है और उन्होंने दावा किया कि इस समूह को भारी नुकसान पहुंचाया गया है.

यमन के ताइज प्रांत में सऊदी समर्थित सेना का हूती विद्रोहियों पर हमला. (Photo: AFP)

'अल-अरबिया' और 'अल-हदाथ' ने रिपोर्ट दी है कि यमनी सरकारी बलों ने दक्षिणी मारिब के साथ-साथ उत्तरी और दक्षिणी सेक्टरों में कई ठिकानों पर कब्ज़ा कर लिया है. 

खबरों के मुताबिक हूती विद्रोहियों के खिलाफ अभियान के दौरान सेना ने ताइज़ के पश्चिम में अल-कद्दाह मोर्चे पर नई जगहों और गांवों पर भी कब्ज़ा किया है.

रिपोर्ट के अनुसार इस हमले के दौरान भारी झड़पें हुईं, तोपें चलीं और इलाके में हूती ठिकानों, जमावड़ों और अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए गए. 

'अल-अरबिया' और 'अल-हदाथ' के सूत्रों ने यह भी बताया कि यमन की सरकारी सेना ने अल-धले प्रांत के उत्तर में मेरिस मोर्चे पर हूती ठिकानों के ख़िलाफ़ जवाबी हमला शुरू किया है.

मनी सैन्य विमानों ने मारिब के पश्चिम में हूती कब्ज़े वाले हेलन पहाड़ों पर कई हवाई हमले किए. 

अरब क्षेत्र में नया तनाव

यह नया उतार-चढ़ाव क्षेत्र में और अस्थिरता ला रहा है. विशेष रूप से बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले शिपिंग मार्ग पर दबाव बढ़ने का खतरा है. यह मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर दबाव डालने के बावजूद तेल आपूर्ति को कुछ राहत देता रहा है. 

Advertisement

 होर्मुज के जरिए युद्ध से पहले दुनिया के व्यापारिक तेल का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता था. यमन में अमेरिकी दूतावास यमन ने मंगलवार को साफ कहा कि देश की “वैध” सरकार को अपने लोगों की रक्षा करने और हूतियों की आतंक फैलाने की क्षमता समाप्त करने का अधिकार है. 

दूतावास ने यह भी जोड़ा कि सऊदी अरब को अपनी रक्षा करने का पूरा हक है.  सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा गया, “हूतियों ने इस संघर्ष की शुरुआत की है और उन्हें अपनी आक्रामकता के परिणाम भुगतने होंगे.”

संयुक्त राष्ट्र और तुर्की ने भी सऊदी अरब पर हूती हमलों की निंदा की है. यमन का गृहयुद्ध लंबे समय से क्षेत्रीय शक्तियों के बीच प्रॉक्सी युद्ध का रूप ले चुका है, जिसमें ईरान समर्थित हूती एक तरफ और सऊदी अरब और उसके सहयोगी दूसरी तरफ हैं. 

हालिया घटनाक्रम से साफ है कि दोनों पक्ष अब सीमित झड़पों से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर हमलों की ओर बढ़ रहे हैं. इस स्थिति में नागरिकों पर असर पड़ने और क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ने की आशंका बढ़ गई है. 

बाब अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पर कोई रुकावट वैश्विक ऊर्जा बाजार को और प्रभावित कर सकती है.  फिलहाल दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के रास्ते खुले रखने की अपीलें जारी हैं, लेकिन मैदान में तनाव कम होने के संकेत नहीं दिख रहे. 

Advertisement

यमन के लिए UN के विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने कहा कि सऊदी अरब पर यमन के हूती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों से "टकराव के और बढ़ने, आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा पैदा होने और राजनीतिक समाधान की कोशिशों को नुकसान पहुंचने का अंदेशा है."
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »