ट्रंप की नाकेबंदी तोड़कर क्यूबा पहुंचा दिया तेल टैंकर! अब रूस बोला- दोस्त की मदद करना फर्ज

रूस ने अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद क्यूबा को लाखों बैरल कच्चा तेल भेजा है, जिससे क्यूबा के ऊर्जा संकट में राहत मिली है. ट्रंप ने क्यूबा को तेल सप्लाई करने वाले देशों को चेतावनी दी थी, लेकिन रूस ने क्यूबा को दोस्त बताते हुए उसे तेल भेजा है.

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रूस ने अपना तेल टैंकर क्यूबा पहुंचने पर खुशी जाहिर की है (Photo: Reuters) रूस ने अपना तेल टैंकर क्यूबा पहुंचने पर खुशी जाहिर की है (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:02 AM IST

रूस ने कहा है कि वो इस बात से खुश है कि उसका तेल क्यूबा तक पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैरेबियाई द्वीप देश की ऊर्जा नाकेबंदी कर रखी है और दुनिया के देशों को क्यूबा को तेल देने के खिलाफ चेताया है. लेकिन रूस ने ट्रंप की चेतावनी के बावजूद, भारी ऊर्जा संकट से जूझ रहे क्यूबा को कच्चा तेल भेज दिया. हालांकि, रूसी तेल के क्यूबा पहुंचने पर ट्रंप को आपत्ति नहीं है और उन्होंने कहा है कि उन्हें इस डिलीवरी से कोई परेशानी नहीं है.

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 रूस ने इस महीने की शुरुआत में ‘अनातोली कोलोडकिन’ नाम का एक प्रतिबंधित तेल टैंकर क्यूबा भेजा था, जिसमें करीब 7.3 लाख बैरल कच्चा तेल था. क्यूबा को यह तेल सप्लाई ऐसे वक्त में की गई है जब अमेरिकी नाकेबंदी के बीच देश भारी ऊर्जा संकट से जूझ रहा है. ऊर्जा संकट के बीच क्यूबा बिजली गुल होने जैसी दिक्कतें भी झेल रहा है. ऐसे में रूसी तेल का क्यूबा पहुंचना बहुत बड़ी राहत साबित हुआ है.

शिपिंग डेटा के मुताबिक, रूस का तेल टैंकर सोमवार को क्यूबा के उत्तर-पूर्वी तट के पास देखा गया. रूस, क्यूबा का करीबी सहयोगी है और उसने अमेरिका के उस फैसले की भी आलोचना की है जिसमें उसने ऊर्जा नाकेबंदी कर रखी है. ट्रंप ने दुनिया के देशों को धमकी दी है कि अगर उन्होंने क्यूबा को तेल पहुंचाया तो वो उनपर टैरिफ लगा देंगे.

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कुछ समय पहले ट्रंप ने कहा था कि वो कैसे भी करके एक न एक दिन क्यूबा को अपने कब्जे में कर लेंगे.

तेल टैंकर के क्यूबा पहुंचने पर रूस क्या बोला?

इन हालातों में रूसी तेल के क्यूबा पहुंचने पर क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, 'रूस अपने क्यूबाई मित्रों की मदद करना अपना कर्तव्य मानता है. हमें खुशी है कि पेट्रोलियम उत्पादों की यह खेप द्वीप तक पहुंच गई है.'

क्यूबा में जनवरी के बाद से इतनी बड़ी तेल सप्लाई नहीं पहुंची है. क्यूबा पहले वेनेजुएला से तेल खरीदता था लेकिन जनवरी की शुरुआत में ही ट्रंप ने एक सैन्य ऑपरेशन के जरिए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा करा लिया था. मादुरो फिलहाल अमेरिका की कैद में हैं और उनपर भ्रष्टाचार और ड्रग्स से जुड़े मामले चल रहे हैं.

मादुरो को हटाकर ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल पर कंट्रोल स्थापित कर लिया जिसके बाद क्यूबा को वेनेजुएला से तेल मिलना बंद हो गया. इससे क्यूबा में ईंधन की कीमतें बढ़ीं और रोजाना बिजली कटौती शुरू हो गई. 

पेसकोव ने यह भी बताया कि इस शिपमेंट को लेकर रूस और अमेरिका के बीच पहले से बातचीत हुई थी, हालांकि उन्होंने इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी. 

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