PoK में खून-खराबा, इमरान समर्थकों का देशव्यापी आंदोलन... दो मोर्चों पर घिरे मुनीर-शहबाज!

पाकिस्तान सरकार ने विदेशी पत्रकारों के लिए नई गाइडलाइंस जारी करते हुए बड़े शहरों से बाहर रिपोर्टिंग के लिए एनओसी अनिवार्य कर दिया है. इसी बीच पीटीआई ने आज से इमरान खान की रिहाई के लिए देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है, यह दिन उनकी गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने का भी है. वहीं पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चुनाव के दूसरे चरण में पीएमएल एन को बड़ी जीत मिली है, लेकिन हिंसा और धांधली के आरोपों ने माहौल गरमा दिया है.

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पाकिस्तान की सरकार दो-दो मोर्चों पर घिर गई है (Photo: ITG) पाकिस्तान की सरकार दो-दो मोर्चों पर घिर गई है (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:52 AM IST

पाकिस्तान इस समय एक साथ कई मुश्किलों से जूझ रहा है. एक तरफ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में चुनावों के दौरान हिंसा और बगावत का माहौल है, तो दूसरी तरफ इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने 5 अगस्त से पूरे मुल्क में आंदोलन छेड़ने का ऐलान कर दिया है. 

इन दोनों मामलों में हो रही असलियत दुनिया के सामने न आए, इसके लिए पाकिस्तान सरकार ने विदेशी पत्रकारों पर नई और सख्त पाबंदियां लगा दी हैं. अब कोई भी विदेशी पत्रकार इस्लामाबाद, लाहौर और कराची से बाहर जाकर रिपोर्टिंग करने से पहले सरकार से खास इजाजत लेने पर मजबूर होगा.

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पाकिस्तान की सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 'फॉरेन मीडिया फैसिलिटेशन गाइडलाइंस 2026' के नाम से नए नियम जारी किए हैं. इन नियमों के मुताबिक हर विदेशी पत्रकार को अब बड़े शहरों से बाहर जाकर खबर, डॉक्यूमेंट्री, वीडियो या सोशल मीडिया कंटेंट बनाने से पहले मंत्रालय के 'एक्सटर्नल पब्लिसिटी विंग' से पहले मंजूरी लेनी होगी. 

हालांकि एबटाबाद और मरी जाने के लिए थोड़ी छूट दी गई है, वहां जाने के लिए तीन दिन के भीतर एनओसी मिल सकता है. इन नियमों का दायरा सिर्फ पत्रकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशी मीडिया से जुड़े फिक्सर, प्रोडक्शन टीम और मीडिया कंपनियों को भी अब खुद को रजिस्टर कराना होगा. 

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विदेश में रहने वाले पाकिस्तानी पत्रकारों को भी वहां के पाकिस्तानी दूतावास के जरिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है. मंत्रालय ने साफ किया है कि रजिस्ट्रेशन सिर्फ पहचान के लिए है, इससे किसी को कोई सरकारी दर्जा नहीं मिलेगा. रजिस्ट्रेशन कार्ड सात दिन में मिल जाएगा, जबकि प्रेस एक्रेडिटेशन कार्ड बनने में चार से छह हफ्ते तक का समय लग सकता है.

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इसी बीच इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने बड़ा ऐलान किया है. पार्टी की संसदीय बैठक में तय हुआ है कि 5 अगस्त यानि आज से पूरे पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई के लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा. 

दरअसल 5 अगस्त 2023 को ही इमरान खान को तोशाखाना केस में गिरफ्तार किया गया था, यानी इस दिन उनकी जेल की जिंदगी के तीन साल पूरे हो जाएंगे. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर अली खान की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनसभाओं, प्रदर्शनों और लॉन्ग मार्च जैसी रणनीति पर चर्चा हुई. 

पार्टी महासचिव सलमान अकरम राजा ने बताया कि महमूद खान अचकजई और अल्लामा राजा नासिर अब्बास से भी सलाह ली जाएगी. गौहर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की सेहत को लेकर भी चर्चा की जानकारी दी. फिलहाल इमरान खान रावलपिंडी की अडियाला जेल में सश्रम कारावास काट रहे हैं.

वहीं PoK में चल रहे चुनाव भी हिंसा की भेंट चढ़ते दिख रहे हैं. दूसरे चरण के मतदान में पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज ने 18 में से 14 सीटें जीत ली हैं, जबकि पीपीपी को सिर्फ चार सीटें मिलीं. दोनों चरणों को मिलाकर पीएमएल एन अब 23 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े को छू चुकी है.

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लेकिन यह जीत बिना विवाद के नहीं आई. मतदान के दौरान भारी हिंसा हुई, एक शख्स की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए. पीपीपी ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए तीसरे चरण के बहिष्कार तक की धमकी दे डाली है. 

दरअसल यह पूरा इलाका पिछले दो महीने से जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रदर्शनों से सुलग रहा है, जिसे जून में बैन कर दिया गया था. JAAC विवादित शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग कर रही है. संगठन का दावा है कि अब तक 37 लोगों की जान जा चुकी है, हालांकि पाकिस्तान सरकार ने किसी नागरिक की मौत से इनकार किया है. भारत ने भी इन चुनावों को पाकिस्तान के अवैध कब्जे को छिपाने की कोशिश करार दिया है.

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