अगवा कर धर्मांतरण कराया, फिर अधेड़ से पढ़वाया निकाह... Pak कोर्ट ने दो हिंदू बहनों को परिवार के पास भेजा

सिंध प्रांत से अगवा की गईं दो नाबालिग हिंदू बहनों को सिंध हाईकोर्ट ने उनके माता-पिता के पास लौटाने का आदेश दिया है. दोनों लड़कियों का जबरन धर्मांतरण कराकर उम्रदराज मुस्लिम पुरुषों से शादी कराई गई थी. पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है.

Advertisement
दोनों बहनें नाबालिग हैं और उन्हें सिंध से अगवा किया गया था. (Representational Image) दोनों बहनें नाबालिग हैं और उन्हें सिंध से अगवा किया गया था. (Representational Image)

aajtak.in

  • कराची,
  • 20 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:58 PM IST

पाकिस्तान के सिंध प्रांत से अगवा की गईं दो नाबालिग हिंदू बहनों को आखिरकार इंसाफ मिल गया है. सिंध हाईकोर्ट की हैदराबाद  ने अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और उम्रदराज मुस्लिम पुरुषों से शादी के चंगुल में फंसी इन दो बच्चियों को उनके माता-पिता के पास वापस भेजने का आदेश दिया है.

सिंध प्रांत के टांडो अल्लाहयार में इब्राहिम कॉलोनी से 29 अगस्त को 14 और 13 साल की दो नाबालिग बहनों का उनके घर के पास से अगवा कर लिया गया था. इसके बाद उनका जबरन धर्मांतरण कराकर उम्र में काफी बड़े पुरुषों से शादी करा दी गई थी.

Advertisement

इस मामले की सुनवाई करते हुए सिंध हाईकोर्ट की हैदराबाद बेंच ने सोमवार को दोनों बहनों को उनके माता-पिता के साथ घर लौटने की अनुमति दे दी. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपी पुरुषों के खिलाफ FIR भी दर्ज कर ली है.

निचली अदालत ने तीन बार भेजा था शेल्टर होम

सितंबर में पुलिस ने दोनों बहनों को छुड़ाकर टांडो अल्लाहयार की सेशन अदालत में तीन बार पेश किया था. हर बार नाबालिग बच्चियों ने गिड़गिड़ाते हुए अपने माता-पिता के पास जाने की गुहार लगाई, लेकिन जज ने उन्हें माता-पिता के साथ भेजने के बजाय महिला शेल्टर होम भेज दिया था.

'पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद' नाम के हिंदू कल्याणकारी NGO चलाने वाले शिवा काछी ने बताया कि काफी कोशिशों के बाद मामला सिंध हाईकोर्ट पहुंचा. इसके बाद ही बच्चियों को उनके परिवार के पास भेजने का रास्ता साफ हुआ.

Advertisement

ऐसे कई केस लड़ रहे संजय शर्मा

पीड़ित परिवार की ओर से अदालत में पैरवी करने वाले एडवोकेट संजय शर्मा ने पुष्टि की कि दोनों बहनें आखिरकार अपने परिवार से मिल गई हैं. उन्होंने बताया कि वो ऐसे कई और हिंदू परिवारों के केस भी लड़ रहे हैं, जिनकी बेटियों और बहनों को अगवा कर जबरन निकाह कराया गया है.

यह भी पढ़ें: 20 साल पहले धर्मांतरण करने वाले परिवार की हिंदू धर्म में घर वापसी, पंचकुंडी गायत्री यज्ञ से हुई धार्मिक प्रक्रिया

शिवा काछी ने बताया कि उनका संगठन पूरे सिंध में गरीब और वंचित समुदायों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है. उन्होंने कहा कि नाबालिग लड़कियों के बुनियादी अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने पाकिस्तान सरकार, पुलिस और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि नाबालिग लड़कियों के अपहरण, जबरन धर्मांतरण और बाल विवाह को रोकने के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाए जाएं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »