रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान से पाकिस्तान को मिर्ची लगी है. पाकिस्तान ने कहा है कि संयम और शांति के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए. पाकिस्तान ने गीदड़ भभकी दी है कि किसी भी आक्रामकता का करारा जवाब दिया जाएगा.
गुरुवार को दिल्ली में एक रक्षा सम्मेलन में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा था कि पाकिस्तान की ओर से भविष्य में होने वाली किसी भी आतंकवादी घटना का "और भी कड़ा जवाब" दिया जाएगा. उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर', बालाकोट हवाई हमलों और सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की जवाबी कार्रवाई के तरीके में एक निर्णायक बदलाव आया है.
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की ओर से भविष्य में होने वाली किसी भी आतंकवादी घटना का "और भी कड़ा जवाब" दिया जाएगा.
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने कहा, "पाकिस्तान भारतीय रक्षा मंत्री के भड़काऊ बयानों को खारिज करता है और उनकी निंदा करता है."
राजनाथ सिंह के बयानों को "गैर-जिम्मेदाराना" बताते हुए सज्जाद हैदर खान ने कहा कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है, ताकि किसी भी "गलत आक्रामकता" का सामना किया जा सके.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संयम और शांति के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी आक्रामकता का करारा जवाब दिया जाएगा.
पाकिस्तान के प्रवक्ता ने अनुच्छेद 370 का मामला उठाया. सज्जाद हैदर खान ने कहा कहा कि 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के भारत के कदम "गैर-कानूनी और अमान्य" थे.
अफगानिस्तान के बारे में बात करते हुए खान ने कहा कि उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने हाल ही में आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ने के पाकिस्तान के संकल्प को दोहराया है. उन्होंने अफगान अधिकारियों से अपील की कि वे पाकिस्तान के खिलाफ "अफगान धरती से काम करने वाले समूहों" के खिलाफ "ठोस, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय कार्रवाई" करें.
उन्होंने सऊदी अरब में हवाई अड्डों और तेल सुविधाओं को निशाना बनाकर किए गए हालिया हूती हमले की भी निंदा की और कहा कि पाकिस्तान इन लगातार हमलों को लेकर "बेहद चिंतित" है.
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान इस बात पर जोर देता है कि आम नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले अस्वीकार्य हैं और ये क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा हैं."
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