पाकिस्तान का दोस्त ईरान से 'डबल गेम', उसके दुश्मनों को बेच डाले हथियार

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान डबल गेम खेल रहा है. एक तरफ, तो वह खुद को मध्यस्थ की तरह पेश करने की कोशिश कर रहा है. वहीं, सूत्रों के मुताबिक, खाड़ी देशों को हथियार बेचने की कोशिश कर रहा है.

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पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:26 PM IST

अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ की तरह पेश करने पर तुला है. लेकिन साथ ही, वह खाड़ी देशों को हथियार बेचकर डबल गेम भी खेल रहा है.

खुफिया विभाग के बड़े सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान अभी इराक और कुवैत को 'लाइटनिंग-2' लॉइटरिंग म्यूनिशन बेच रहा है. सूत्रों की मानें तो, पाकिस्तान ने अभी हाल-फिलहाल में लाइटनिंग-2 लॉइटरिंग म्यूनिशन का परीक्षण भी किया है. 

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यह एक ऐसा आधुनिक ड्रोन है, जो 300 किलोग्राम तक विस्फोटक लेकर 300 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य पर भी सीधा और सटीक हमला कर सकता है. आज के समय में आधुनिक युद्ध में एयर डिफेंस सिस्टम, रडार इंस्टॉलेशन और खास कर सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए लॉइटरिंग म्यूनिशन को बहुत खास माना जाता है. 

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सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने अज़रबैजान, कतर और यमन को JF-17 फाइटर जेट निर्यात करने के सौदे पक्के कर लिए हैं.

अब थोड़ी हथियारों की बात कर लेते हैं, JF-17 को चीन के साथ मिलकर डेवलप किया गया है और ये पाकिस्तान वायु सेना की रीढ़ है. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने इसके एक और आधुनिक और बेहतर वर्ज़न JF-17 ब्लॉक 4 पर काम करना शुरू कर दिया है. 

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ईरान अमेरिका युद्ध को लेकर पाकिस्तान ने कई बार मध्यस्थता करने का दावा किया. हालांकि पाकिस्तान की भूमिका को शुरू से ही शक के घेरे में देखा जा रहा था क्योंकि तेहरान और वॉशिंगटन दोनों के साथ पाकिस्तान के अच्छे रणनीतिक संबंध रहे हैं. साथ ही चीन के साथ भी उसकी करीबी समय-समय पर देखी गई है. ऐसे में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर शुरू से ही सवाल थे. 

ताजा जानकारी के मुताबिक इस्लामाबाद इस तनाव का फायदा उठाकर खाड़ी क्षेत्र में हथियारों का निर्यात बढ़ा रहा है. जिससे क्षेत्रीय संतुलन बदल सकता है.

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