PoK पर मुनीर का कंट्रोल खत्म? पाकिस्तान के होंगे टुकड़े-टुकड़े, मौलाना ने दे दी चेतावनी

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में सेना प्रमुख आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ सरकार की क्रूरता के खिलाफ बगावत तेज हो गई है. पिछले 48 घंटों में 31 बेगुनाह नागरिकों की हत्या के बाद जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है.

Advertisement
शहबाज-मुनीर के हाथ से निकला PoK. (File photo: Reuters) शहबाज-मुनीर के हाथ से निकला PoK. (File photo: Reuters)

aajtak.in

  • रावलकोट,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:51 AM IST

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में जनरल आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ जनआक्रोश चरम पर है. बुनियादी सुविधाओं, रोटी-बिजली और अधिकारों की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में पिछले 48 घंटों में 31 बेगुनाह नागरिकों की मौत हो गई है. जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) का दावा है कि 5 जून से शुरू हुए इस आंदोलन में अब तक करीब 100 लोग मारे जा चुके हैं और दर्जनों घायल हैं. इसी बीच पाकिस्तानी सांसद मौलाना अता उर रहमान ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान टूटने की कगार पर है. साथ ही मुनीर अब पीओके पर कंट्रोल खो चुके हैं.

जेएएसी के नेताओं का कहना है कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर फौज गोली चला रही है. मस्जिद के इमाम समेत कई लोगों की हत्या की गई है. जगह-जगह लाशें और जनाजे दिख रहे हैं. सरदार अमन कश्मीरी समेत जेएएसी नेताओं ने मुनीर की फौज से आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जब तक एक भी जिंदा रहेगा, संघर्ष जारी रहेगा और अपने वतन पर अपना राज होगा.

Advertisement

पाकिस्तान के चंगुल से आजाद होगा PoK 

स्थानीय मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान सरकार PoK में चुनाव का ढोंग रच रही है, लेकिन जनता ने इसका पूरी तरह बहिष्कार कर दिया है  पाकिस्तान द्वारा 45 फीसदी मतदान का दावा किए जाने के बावजूद मीरपुर डिवीजन में केवल 10 फीसदी वोटिंग हुई है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि वो मुनीर के चंगुल से आजाद होना चाहते हैं. इंटरनेट बंद कर दिया गया है और फौज की तैनाती बढ़ाई जा रही है. इससे साबित होता है कि वहां की जनता अब मुनीर के चंगुल से पूरी तरह आजाद होना चाहती है. इससे बौखलाए पाकिस्तान ने पूरी इलाके में  फौज की तैनाती बढ़ा दी है.

जेएएसी के नेता सरदार अमान खान ने कहा कि पीओके विवादित नहीं बल्कि कब्जे वाला इलाका है और ये जंग खत्म नहीं होगी. आक्रोश इतना बढ़ चुका है कि लोग कह रहे हैं कि पीओके पाकिस्तान नहीं है. मुनीर और शहबाज शरीफ की नीतियों के खिलाफ ये आंदोलन अब आर-पार की लड़ाई का रूप ले चुका है.

Advertisement

वरिष्ठ पत्रकार ने खोली सरकार की पोल

वहीं, अपनी नाकामी छिपाने के लिए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बेशर्मी की हदें पार करते हुए PoK के प्रदर्शनकारियों को दुश्मन जैसा करार दिया है. हालांकि, पाकिस्तानी टीवी चैनल 'जियो न्यूज' के वरिष्ठ पत्रकार शहजाद इकबाल ने सरकार की पोल खोलते हुए सवाल पूछा कि अगर प्रदर्शनकारियों की फंडिंग भारत से हो रही थी तो सरकार पिछले डेढ़ साल से उनसे बातचीत क्यों कर रही थी और उनकी 38 में से 36 मांगें क्यों मानी गईं.

बलूचिस्तान में भी भड़की विद्रोह की चिंगारी

उधर, पीओके के साथ-साथ बलूचिस्तान में भी विद्रोह की चिंगारी तेज हो गई है. सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बढ़ते जुल्मों के खिलाफ पाकिस्तानी सांसद मौलाना अता उर रहमान ने मुनीर को चेतावनी देते हुए कहा कि मैं आपसे गुजारिश करता हूं कि खुदा के लिए बलूचिस्‍तान और खैबर पख्तुनख्वा के लोगों पर रहम करें. आप इस मुल्‍क को तोड़ने न जाएं. पाकिस्‍तान टूटने जा रहा है, अगर यही हालात रहे तो हम कल शायद हमें पासपोर्ट लेकर बलूचिस्‍तान और खैबर पख्‍तूनख्‍वा जाना होगा.  इससे पहले जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फजलुर्रहमान ने सेना को चुनौती दी और कहा कि अगर सेना राजनीति करना चाहती है....तो वर्दी उतारे, पार्टी बनाए और चुनाव लड़े. ये तय करना सेना का काम नहीं कि सरकार कौन बनाएगा और कौन जाएगा.

Advertisement

एम्नेस्टी ने पाक को लगाई फटकार

PoK में जारी कत्लेआम और मानवाधिकारों के हनन के खिलाफ JAAC ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से स्वतंत्र जांच की मांग की है. एम्नेस्टी इंटरनेशनल ने भी बेगुनाह नागरिकों पर गोलियां बरसाने के लिए पाकिस्तान सरकार और सेना को कड़ी फटकार लगाई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »