रूस को चुनौती देना हर देश के बस की बात नहीं है. खासकर तब जब मामला रूस के रणनीतिक इलाके आर्कटिक से जुड़ा हो. लेकिन अब नॉर्वे ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने मॉस्को को भड़का दिया है. नॉर्वे ने आर्कटिक के स्वालबार्ड में रूसी जहाज ‘Professor Molchanov’ को जब्त कर लिया है. यह कार्रवाई यूक्रेन की सरकारी ऊर्जा कंपनी नाफटोग्ज (Naftogaz) की मांग पर की गई है. रूस ने इस कार्रवाई को सीधे-सीधे ‘पाइरेसी’ तक करार दिया है.
मामला सिर्फ एक जहाज की जब्ती का नहीं है. इसके पीछे रूस और यूक्रेन के बीच अरबों डॉलर की कानूनी लड़ाई है. Naftogaz का दावा है कि 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया के अधिग्रहण के दौरान उसकी संपत्तियों पर कब्जा कर लिया गया था. इसके बाद कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी लड़ाई शुरू की. अप्रैल 2023 में हेग स्थित एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने रूस को Naftogaz को करीब 4.22 अरब डॉलर चुकाने का आदेश दिया. इसके अलावा ब्याज और कानूनी खर्च का भुगतान करने का आदेश दिया था. लेकिन रूस ने यह रकम नहीं चुकाई.
यहीं से शुरू होती है रूस की संपत्तियों को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में पकड़ने की मुहिम. Naftogaz अब उन देशों में रूसी संपत्तियों की तलाश कर रही है, जिसे वो वसूल कर सके.
इसी कोशिश के तहत कंपनी की नजर प्रोफेसर मोल्चानोव पर गई. यह जहाज रूसी संघ के स्वामित्व में है और व्यावसायिक अभियान क्रूज के लिए इस्तेमाल होता है. जब यह स्वालबार्ड के बारेंट्सबर्ग बंदरगाह पहुंचा, तब Naftogaz के वकीलों ने नॉर्वे की अदालत का रुख किया.
31 अगस्त को Nord-Troms और Senja District Court ने जहाज को जब्त करने का आदेश दिया. इसके बाद 2 सितंबर को स्वालबार्ड के गवर्नर ने अदालत के आदेश को लागू करते हुए जहाज को जब्त कर लिया. अब प्रोफेसर मोल्चानोव को बारेंट्सबर्ग में ही रखा गया है और उसे अपनी मौजूदा जगह से निकलने की इजाजत नहीं है. जहाज के चालक दल और यात्रियों की देखभाल की जिम्मेदारी भी स्थानीय प्रशासन संभाल रहा है.
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात आर्कटिक का लोकेशन है. रूस के लिए आर्कटिक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र है. यहां रूस की सैन्य, ऊर्जा और समुद्री गतिविधियां लंबे समय से बढ़ती रही हैं. ऐसे इलाके में रूसी सरकारी संपत्ति को कानूनी प्रक्रिया के तहत रोकना मॉस्को के लिए निश्चित तौर पर असहज करने वाला घटनाक्रम है. रूस के लिए ये उसकी अथॉरिटी को चुनौती देने जैसा है.
रूस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से इसे ‘पाइरेसी’ बताया गया है. मॉस्को का कहना है कि वह इस कानूनी प्रक्रिया को चुनौती दे रहा है और उसे इस कार्रवाई की पूर्व सूचना नहीं दी गई.
हालांकि नॉर्वे का कदम सैन्य कार्रवाई नहीं है, लेकिन इसका संदेश बेहद राजनीतिक है. एक तरफ रूस जैसी बड़ी सैन्य शक्ति है और दूसरी तरफ अपेक्षाकृत छोटा नॉर्वे, जो NATO का सदस्य भी है. नॉर्वे ने सीधे रूस के खिलाफ युद्ध जैसा कोई कदम नहीं उठाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानूनी फैसले को लागू कराने के लिए रूसी राज्य की संपत्ति पर हाथ डाला है.
Naftogaz साफ कर चुकी है कि जब तक उसे 4.22 अरब डॉलर की रकम नहीं मिलती, वह दुनिया के अलग-अलग देशों में रूसी संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी.
क्या है 'प्रोफेसर मोल्चानोव'
'प्रोफेसर मोल्चानोव' रूस की सरकारी रिसर्च शिप है, जिसे देश की हाइड्रॉमेटियोरोलॉजिकल सर्विस, 'रोशहाइड्रोमेट' चलाती है. वैज्ञानिक अभियानों के अलावा, पिछले साल से यह मर्मान्स्क और बैरेंट्सबर्ग के बीच यात्रियों और सामान को लाने-ले जाने का नियमित जरिया भी बनी हुई है. यह वैज्ञानिकों, सरकारी कंपनी 'आर्कटिकुगोल' के कर्मचारियों, कॉन्ट्रैक्टर्स, उनके परिवारों और सामान को स्वालबार्ड में मौजूद रूसी बस्तियों तक पहुंचाती है.
तमतमाये राष्ट्रपति पुतिन
रूस ने इस विवाद पर आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र को मानने से इनकार कर दिया है. उसका तर्क है कि जिन क्रीमियाई संपत्तियों की बात हो रही है उस पर कब्जा करने का हक यूक्रेन को नहीं है.
नाफ्टोगैस के कार्यवाहक प्रमुख सर्गेई फेडोरेंको ने इस कदम की सराहना करते हुए इसे "न्याय बहाल करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम" बताया और दुनिया भर में रूसी संपत्तियों की खोज जारी रखने का संकल्प लिया।
यह ताजा जब्ती ऐसे समय में हुई है जब मॉस्को ने रूसी जहाजों को रोकने की पश्चिमी कोशिशों के खिलाफ बेहद सख्त चेतावनी जारी की थी.
मॉस्को ने आर्कटिक में नाटो की चिंताजनक सैन्य तैनाती के खिलाफ चेतावनी दी है.
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी जहाजों को जब्त करने और उनकी संपत्ति बेचने की योजनाओं को "समुद्री डकैती और लूट" करार दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि मॉस्को दुनिया के किसी भी हिस्से में जिसे वह उचित समझेगा उसी तरह से जवाब देगा. विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस अपने लक्ष्य खुद चुनेगा और इसका जवाब देगा.
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