नेपाल की भोटेकोसी नदी में आई बाढ़ के बाद से हालातक नाजुक बने हुए हैं. नेपाल के विदेश मंत्रालय ने 28 अगस्त को बताया कि दोपहर तक नदी और तटीय इलाकों से अब तक 538 शव बरामद किए जा चुके हैं.
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दुनिया के 33 देशों के 632 विदेशी नागरिकों में से 121 लोगों को खोज निकाला गया है. हालांकि 511 विदेशी पर्यटक अब भी लापता हैं. वहीं, नेपाल आपदा प्राधिकरण के मुताबिक, कुल 1,924 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं.
इस बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फिर से खतरा बढ़ गया है. रसुवा जिला पुलिस कार्यालय को चीनी अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, भोटेकोसी नदी के ऊपरी जलस्तर में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है.
त्रिशूली नदी पर अलर्ट
नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने इमरजेंसी अलर्ट जारी किया है. त्रिशूली नदी के तटीय क्षेत्रों (मुगलिंग तक) में रहने वाले निवासियों, यात्रियों और राहतकर्मियों से तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है.
नेपाल सरकार ने बताया है कि उसकी प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में लोगों की जान बचाना, घायलों का इलाज करना और राहत सामग्री पहुंचाना है. नेपाल की सेना, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल पुलिस, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाएं बचाव अभियानों में तैनात हैं.
अधिकारियों ने बताया कि पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए जरूरत के हिसाब से विदेशों से मदद ली जाएगी. सरकार ने ये भी बताया कि नेपाल के सिर्फ कुछ हिस्से ही इस आपदा से प्रभावित हुए हैं, इसलिए देश अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और पर्यटकों के लिए खुला है.
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विदेशियों की मदद के लिए 'इमर्जेंसी रिस्पॉन्स टीम' एक्टिव
आपदा में फंसे या लापता विदेशी नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनके दूतावासों से तालमेल बिठाने के लिए विदेश मंत्रालय ने इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किया है. किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन/व्हाट्सएप नंबर +977-9744441227 और +977-9744441228 पर संपर्क किया जा सकता है.
सरकार ने राहत कार्यों में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री दैवीय प्रकोप राहत कोष (PMDRF) का ऑनलाइन लिंक (https://pmdrf.nchl.com.np/), (https://pmdrf.nchl.com.np/) भी शेयर किया है, जिसके जरिए वित्तीय मदद दी जा सकती है.
आशुतोष मिश्रा / पंकज दास