नेपाल में अब तक 288 भारतीय लापता, MEA ने बताया सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद करीब 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है. इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है, जो काम या यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे थे. विदेश मंत्रालय ने अब इन लोगों को लेकर अहम जानकारी साझा की है.

Advertisement
तमिलनाडु के 21 नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया. (File Photo) तमिलनाडु के 21 नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया. (File Photo)

प्रणय उपाध्याय

  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:18 PM IST

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद करीब 288 भारतीय नागरिकों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि इनमें पांच बड़े समूह शामिल हैं. भारत सरकार नेपाल में फंसे लोगों को निकालने के लिए वहां की सरकार के संपर्क में है. मुश्किल की इस घड़ी में राहत भरी खबर यह है कि तमिलनाडु के 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. इन्हें पहले काठमांडू लाया जाएगा, फिर भारत वापस भेजा जाएगा.

Advertisement

रंधीर जायसवाल ने बताया कि 288 भारतीयों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है. इनमें पांच प्रमुख समूह शामिल हैं. पहला समूह त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 73 भारतीयों का है. काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास प्रोजेक्ट हेड के संपर्क में है, ताकि इन लोगों की स्थिति की जानकारी मिल सके.

तमिलनाडु के दो अलग-अलग समूहों में 37 और 49 लोग हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे. इनमें से 21 लोगों को दोपहर करीब एक बजे सुरक्षित निकाला गया. उन्हें पहले काठमांडू लाया जा रहा है, जिसके बाद भारत वापस भेजा जाएगा. पश्चिम बंगाल के 32 लोग रसुवा जिले के तिमुरे में थे. इसके अलावा, अलग-अलग राज्यों के 61 भारतीयों का एक समूह है, जबकि केरल के 33 लोग भी संपर्क से बाहर हैं.

नेपाल के लिए 47.5 टन मदद भेजी

Advertisement

भारत ने नेपाल के लिए अब तक कुल 47.5 टन राहत सामग्री भेजी है. मदद पहुंचाने के लिए दो विमान लगाए गए हैं. इनमें C-130J और C-17 विमान शामिल हैं. भारत आगे राहत सामग्री की एक और खेप भेजने पर भी विचार कर रहा है. इसमें बेल्ली ब्रिज शामिल हो सकते हैं, जिससे बाढ़ में टूटे संपर्क मार्गों को दोबारा जोड़ने में मदद मिलेगी.

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की थी. उन्होंने नेपाल में हुई तबाही पर दुख जताया, साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिया. भारत ने राहत अभियान में नेपाल के साथ खड़े रहने की बात कही है.

कुछ भारतीय चीन की तरफ भी हो सकते हैं

विदेश मंत्रालय ने बताया कि संपर्क से बाहर कुछ भारतीय नेपाल में न होकर चीन की तरफ भी हो सकते हैं. पहले मिली जानकारी के मुताबिक करीब 200 भारतीय चीन की ओर फंसे हुए हैं. इसलिए उनकी स्थिति का पता लगाने के लिए संबंधित पक्षों से संपर्क किया जा रहा है.

इस पर रंधीर जायसवाल ने कहा कि काठमांडू से लगातार संपर्क बना हुआ है. इसलिए वहां तक पहुंचने में बड़ी परेशानी नहीं है. असली चुनौती उन ऊपरी जिलों से लोगों को निकालने की है, जहां बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है.

Advertisement

इन इलाकों में सड़कें, पुल समेत संपर्क के कई रास्ते प्रभावित हुए हैं. ऐसे में बचाव दलों के लिए लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में हालात लगातार बदल रहे हैं. लोगों की संख्या, उनकी स्थिति समेत बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी लगातार अपडेट की जा रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »