'तुर्की वहां क्या कर रहा...', सीरिया पर हमले से पहले मोसाद चीफ ने विदेश मंत्री से की थी बात

इजरायल की ओर से सीरियाई एयरबेस पर हमले से पहले, इजरायल की खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने सीरिया के विदेश मंत्री से फोन पर बात की थी. बातचीत मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित थी कि तुर्की अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने, हथियारों की बिक्री, ड्रोन की आपूर्ति और अन्य मुद्दों को लेकर क्या कर रहा है.

Advertisement
सीरिया के उत्तर-पश्चिमी प्रांत इदलिब के पूर्वी इलाके में स्थित अबू अल-दुहुर सैन्य एयरबेस पर हवाई हमले हुए थे. (Photo: Reuters) सीरिया के उत्तर-पश्चिमी प्रांत इदलिब के पूर्वी इलाके में स्थित अबू अल-दुहुर सैन्य एयरबेस पर हवाई हमले हुए थे. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:39 AM IST

इजरायल की खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने सीरिया के विदेश मंत्री से फोन पर बात की थी. इस बातचीत में उन्होंने सीरिया में तुर्की की सैन्य मौजूदगी पर चर्चा की. बताया जा रहा है कि यह बातचीत इजरायल की ओर से सीरियाई एयरबेस पर बमबारी करने से कुछ दिन पहले हुई थी.

मोसाद खुफिया एजेंसी के प्रमुख रोमन गोफमैन और सीरियाई विदेश मंत्री असद अल-शैबानी के बीच 14 अगस्त को हुई यह बातचीत, इजरायल और राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के नेतृत्व वाले दमिश्क प्रशासन के बीच अब तक के सबसे उच्च-स्तरीय संपर्कों में से एक है.

Advertisement

मंगलवार को इजरायल की ओर से अबू अल-दुहूर एयरबेस पर हमला करने के बाद, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि दमिश्क वहां तुर्की सैनिकों की तैनाती की अनुमति देने ही वाला था. उन्होंने इजरायल की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया था कि ऐसी तैनाती इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करेगी.

रॉयटर्स के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि गोफमैन और शैबानी के बीच हुई बातचीत में सीरिया को तुर्की से मिलने वाले सैन्य समर्थन का मुद्दा मुख्य रूप से छाया रहा.

बताया जा रहा है कि बातचीत मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित थी कि तुर्की अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने, हथियारों की बिक्री, ड्रोन की आपूर्ति और अन्य मुद्दों के संबंध में क्या कर रहा है.

बता दें, 18 अगस्त की रात सीरिया के उत्तर-पश्चिमी प्रांत इदलिब के पूर्वी इलाके में स्थित अबू अल-दुहुर सैन्य एयरबेस पर चार हवाई हमले हुए. स्थानीय सीरियाई स्रोत, सोशल मीडिया अकाउंट्स और कुछ समाचार एजेंसियों ने बताया कि हमलों का मुख्य निशाना एयरबेस का रनवे था. 

Advertisement

बताया गया कि इन हमलों को इजरायली लड़ाकू विमानों ने अंजाम दिया. अबू अल-दुहुर एयरबेस सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान अहम रहा है. 2012 से 2015 तक विद्रोही ताकतों ने इसे घेरे रखा था और आखिरकार कब्जा कर लिया था. बाद में असद शासन ने इसे वापस लिया, लेकिन दिसंबर 2024 में असद शासन के पतन के बाद विद्रोही समूहों ने इसे फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »