5 साल की सजा, 20 हजार यूरो जुर्माना और माता-पिता से वसूली; इटली में जारी हिंसा के बीच मेलोनी लाईं कड़ा कानून

इटली की सरकार ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा और लूटपाट पर सख्ती बढ़ाते हुए नए सुरक्षा कानूनों को मंजूरी दी है. नाबालिगों के तोड़फोड़ या लूटपाट में शामिल होने पर उनके माता-पिता को नुकसान की भरपाई के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा.

Advertisement
इटली में प्रदर्शन के दौरान हिंसा पर सख्ती, नाबालिगों की लूटपाट पर माता-पिता भरेंगे जुर्माना.(File Photo-AFP) इटली में प्रदर्शन के दौरान हिंसा पर सख्ती, नाबालिगों की लूटपाट पर माता-पिता भरेंगे जुर्माना.(File Photo-AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:18 AM IST

इटली की सरकार ने मंगलवार को सुरक्षा से जुड़े कई सख्त फैसलों को मंजूरी दी है. इनमें प्रदर्शन के दौरान हिंसक तरीके से शामिल होने को नया अपराध बनाने, दंगाइयों के लिए सजा बढ़ाने और तोड़फोड़ व लूटपाट में शामिल नाबालिगों के माता-पिता को आर्थिक रूप से जिम्मेदार ठहराने का प्रावधान शामिल है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी इटली के कई शहरों में हुई हिंसा के बाद लिया गया. इनमें आर्थिक राजधानी मिलान भी शामिल है. यहां मुख्य रूप से युवाओं के समूहों ने दुकानों के शीशे तोड़े, दुकानों में लूटपाट की और पुलिस पर हमला किया. प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर नए कानून की जानकारी देते हुए कहा कि तोड़फोड़ और चोरी करना कोई क्रांतिकारी काम नहीं है. उन्होंने कहा कि तोड़फोड़ और चोरी प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपराध है.

Advertisement

नए प्रावधान तुरंत लागू हो गए हैं. इसके तहत कम से कम पांच लोगों के समूह में प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले व्यक्ति को पांच साल तक की जेल और अधिकतम 20 हजार यूरो का जुर्माना हो सकता है. अगर प्रदर्शन के दौरान चेहरा ढका गया हो या किसी व्यक्ति को चोट लगी हो तो सजा और बढ़ सकती है.

माता-पिता को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है

अधिकारियों को नुकसान की तुरंत भरपाई का आदेश देने का अधिकार भी दिया गया है. अगर तोड़फोड़ या लूटपाट में नाबालिग शामिल हैं तो उनके माता-पिता को भी नुकसान की भरपाई के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा. पुलिस को 14 से 17 साल की उम्र के उन युवाओं को भी हिरासत में लेने की अनुमति होगी, जिन्होंने कोई अपराध नहीं किया है, लेकिन उनके खतरनाक होने के सबूत मौजूद हैं. इससे पहले यह अधिकार केवल वयस्कों पर लागू होता था.

Advertisement

सरकार को शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों में फिर से हिंसा की आशंका है. इसे देखते हुए मिलान में 2026 के अंत तक पुलिस के साथ 500 सैनिकों को तैनात किया जाएगा. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सेना महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और इलाके में निगरानी बढ़ाने में मदद करेगी.

कई बड़े कदम उठा चुकी हैं मेलोनी

मेलोनी सरकार 2022 में सत्ता में आने के बाद से सुरक्षा को लेकर कई सख्त कदम उठा चुकी है. आलोचकों का कहना है कि इन कदमों से अपराध और हिंसा की मूल वजहों का समाधान नहीं होता. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, चार साल में इटली की जेलों में कैदियों की संख्या 17 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी है. वहीं, दक्षिणी इटली में भी बढ़ती महंगाई और डीजल की कीमतों को लेकर ट्रक ड्राइवरों के प्रदर्शन जारी हैं. सड़कें रोके जाने से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. कुछ पास्ता कंपनियों को उत्पादन रोकना पड़ा है, जबकि कृषि संगठनों ने फल और सब्जियां खराब होने की चेतावनी दी है. सरकार ने ट्रांसपोर्ट कंपनियों के लिए नई सहायता देने का भरोसा दिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »