जासूस, सैन्य अधिकारी समेत 2 दर्जन लोगों को ईरान ने किया अरेस्ट, हमास चीफ की मौत के बाद ताबड़तोड़ एक्शन

ईरान ने हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या से संबंधित जानकारी की तलाश में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है.गिरफ्तार किए गए लोगों में वरिष्ठ खुफिया अधिकारी, सैन्य अधिकारी और उस गेस्ट हाउस के कर्मचारी शामिल हैं, जहां हानिया रह रहा था और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी.

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इस्माइल हानिया (फ़ाइल फ़ोटो) इस्माइल हानिया (फ़ाइल फ़ोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 12:54 PM IST

ईरान ने हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या की व्यापक जांच शुरू कर दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने तेहरान स्थित एक आईआरजीसी कुद्स फोर्स द्वारा संचालित गेस्टहाउस में वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों, सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों सहित दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, जहां हमास नेता की हत्या की गई थी.

बुधवार को तड़के एक विस्फोट में इस्माइल हानिया की हत्या के बाद बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां हुई है.  ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने आए हानिया की बुधवार को हत्या कर दी गई थी. हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उनकी मौत इजरायली हवाई हमले में हुई है, लेकिन बाद में सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की, कि गेस्ट हाउस में विस्फोटक लगाकर उसकी हत्या की गई. हानिया ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान आया था. इस दौरान वह ईरान की राजधानी उत्तरी तेहरान में स्थित एक गेस्टहाउस में ठहरा था.

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ईरान ने इजरायल को ठहराया जिम्मेदार

इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के ईरान निदेशक अली वेज़ ने कहा, 'यह धारणा घातक साबित हो सकती है कि ईरान न तो अपनी मातृभूमि की रक्षा कर सकता है और न ही अपने प्रमुख सहयोगियों की....' मध्य पूर्व और ईरान दोनों के ही अधिकारियों ने कहा है कि यह घातक विस्फोट हानिया के कमरे में उनके पहुंचने से दो महीने पहले लगाए गए बम का परिणाम था. ईरानी अधिकारियों और हमास ने बुधवार को कहा कि हत्या के लिए इजरायल जिम्मेदार है.

ईरान ने शुरू की जांच

इजरायल, जिसने हमास के खात्मे की कसम खाई है, ने यह स्वीकार नहीं किया है कि हानिया की मौत के पीछे उसका हाथ था. दो ईरानी अधिकारियों के अनुसार, जासूसी के लिए रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स की विशेष खुफिया इकाई ने जांच का जिम्मा संभाल लिया है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है. खुफिया इकाई को उम्मीद है कि हत्या की योजना बनाने, सहायता करने और उसे अंजाम देने वाले हत्यारे दल के सदस्यों तक पहुंच जाएगी.

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बुधवार को हुई थी हानिया की हत्या

दरअसल, हमास चीफ इस्माइल हानिया मंगलवार (30 जुलाई) को ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुआ. इस दौरान हानिया ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से भी मुलाकात की थी. इसके अगले ही दिन (बुधवार) यानी की आज सुबह-सुबह ईजरायल ने उस घर को ही उड़ा दिया, जिसमें इस्माइल हानिया ठहरा हुआ था. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा है कि हमला तेहरान में हानिया के ठिकाने को निशाना बनाकर किया गया. इसमें हमास चीफ के साथ-साथ उसका एक बॉडीगार्ड भी मारा गया.

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हमास का मुख्यालय गाजा पट्टी इलाके में है. अब तक हमास की कमान इस्माइल हानिया के हाथों में थी, जो इसका चेयरमैन था. उसने 2017 से खालिद मेशाल के उत्तराधिकारी के तौर पर ये काम संभाला था. वो कतर की राजधानी दोहा में रहता था और वहीं से हमास का काम-काज देखता था. दरअसल, मिस्र ने उसके गाजा आने-जाने पर रोक लगा रखी थी

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