पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सरकार के खिलाफ एक बार फिर सड़क पर उतरने का ऐलान किया है. खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने पेशावर में पार्टी की बड़ी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर इमरान खान को न्याय नहीं मिला, तो 27 सितंबर को PTI समर्थक इस्लामाबाद की ओर मार्च करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि वे 30 मिनट में इमरान खान को जेल से बाहर निकाल सकते हैं.
सोहैल अफरीदी ने कहा कि PTI की पहली मांग है कि इमरान खान और उनकी पत्नी के खिलाफ चल रहे मामलों की सुनवाई तय की जाए और अदालतें मेरिट के आधार पर फैसला करें. पार्टी की दूसरी बड़ी मांग है कि इमरान खान से उनकी कानूनी टीम, डॉक्टरों, रिश्तेदारों और पार्टी नेताओं की मुलाकात फिर से शुरू कराई जाए.
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अफरीदी ने दावा किया कि अगर इमरान खान को न्याय मिल जाता है तो वह 30 मिनट के भीतर जेल से बाहर आ सकते हैं. लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो देशभर से PTI कार्यकर्ता इस्लामाबाद पहुंचेंगे. इससे पहले भी अफरीदी इमरान खान से मुलाकात और उनकी रिहाई के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दे चुके हैं. मई में उन्हें इमरान से मिलने के लिए जाते समय इस्लामाबाद में रोक दिया गया था और इसके बाद PTI ने वहां धरना दिया था.
'खैरात नहीं, न्याय चाहिए'
PTI नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार से कोई खैरात नहीं मांग रही है, बल्कि न्याय की मांग कर रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी संवैधानिक और लोकतांत्रिक रास्ते से अपनी लड़ाई जारी रखेगी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी इसी का हिस्सा हैं.
अफरीदी ने इमरान खान की गिरफ्तारी को 'अपहरण' बताते हुए आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री को लंबे समय से एकांत में रखा गया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि इमरान की बहनों को जेल में उनसे मिलने की कोशिश के दौरान परेशान किया गया.
उन्होंने पाकिस्तान के 26वें और 27वें संवैधानिक संशोधनों पर भी निशाना साधा. अफरीदी का आरोप है कि इन बदलावों से न्यायपालिका की स्वतंत्रता कमजोर हुई है. उनका कहना था कि PTI कानूनी और न्यायिक रास्तों का इस्तेमाल कर चुकी है, लेकिन जब वहां से न्याय नहीं मिला तो अब शांतिपूर्ण विरोध ही उसका संवैधानिक अधिकार है.
सरकार पर लगाए कई आरोप
सोहैल अफरीदी ने दावा किया कि अप्रैल 2022 में इमरान खान की सरकार गिरने के बाद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई और आतंकवाद बढ़ा. उन्होंने खास तौर पर खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती हिंसा का मुद्दा उठाया.
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PTI नेता ने मौजूदा सरकार पर ईरान, अफगानिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों के साथ पाकिस्तान के रिश्ते खराब करने का भी आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने देश में वंशवादी राजनीति के खिलाफ PTI की लड़ाई जारी रखने की बात कही.
पेशावर की सभा में अफरीदी ने समर्थकों से कहा कि वे संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से इमरान खान की रिहाई की लड़ाई जारी रखें. लेकिन साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि अगर पार्टी की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 27 सितंबर को इस्लामाबाद मार्च किया जाएगा और वह खुद इसकी अगुवाई करेंगे. इससे पाकिस्तान की राजनीति में आने वाले हफ्तों में तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.
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