रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच जयशंकर की कीव यात्रा, देंगे शांति का संदेश

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर गुरुवार को यूक्रेन और पोलैंड की तीन दिवसीय यात्रा पर जाने वाले हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, विदेश मंत्री एस. जयशंकर तीन से पांच सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड गणराज्य की आधिकारिक यात्रा करने वाले हैं.

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External Affairs Minister S Jaishankar External Affairs Minister S Jaishankar

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:49 PM IST

रूस और यूक्रेन के बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर गुरुवार को यूक्रेन और पोलैंड की तीन दिवसीय यात्रा पर जाने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि कीव में, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर रूस-यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान खोजने पर जोर देंगे.

विदेश मंत्रालय ने बताया, "विदेश मंत्री एस. जयशंकर तीन से पांच सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड गणराज्य की आधिकारिक यात्रा करने वाले हैं."

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विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री अपने यूक्रेनी समकक्ष एंड्री सिबिहा और पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक करने वाले हैं. 

MEA के मुताबिक विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ ही क्षेत्रीय घटनाक्रमों और आपसी हितों के मुद्दे पर चर्चा करना है. गौरतलब है, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत लगातार रूस और यूक्रेन संघर्ष का बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है. 

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इससे पहले अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से बातचीत के जरिए संघर्ष का समाधान निकालने को कहा था. पीएम मोदी ने तब जेलेंस्की से कूटनीति और बातचीत के ज़रिए संघर्ष को खत्म करने का आह्वान किया था. 

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हाल ही में, बिश्केक में SCO समिट के दौरान भी जब प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से मुलाकात हुई तो उन्होंने एक बार फिर इस बात को दोहराया. पीएम मोदी ने व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान उन्हें यूक्रेन के साथ संघर्ष का बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया था. उन्होंने कहा था कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है जबकि शांति की ओर उठाया गया हर एक कदम एक नई उम्मीद पैदा करता है. 

जयशंकर की कीव यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब इस हफ़्ते रूसी हमले के बाद यूक्रेनी राजधानी में एक भारतीय की मौत को लेकर भारत में चिंता है.

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