पोलैंड
पोलैंड (Poland), आधिकारिक तौर पर पोलैंड गणराज्य (Republic of Poland), मध्य यूरोप में स्थित एक देश है. इसे 16 प्रशासनिक प्रांतों में विभाजित किया गया है, जिन्हें वोइवोडीशिप कहा जाता है. यह 312,696 वर्ग किलोमीटर में फैला है (Area of Poland). पोलैंड में काफी हद तक समशीतोष्ण मौसमी जलवायु है. पोलैंड की आबादी 38 मिलियन से अधिक है और यह यूरोपीय संघ का पांचवां सबसे अधिक आबादी वाला सदस्य राज्य है (Population of Poland). वारसॉ देश की राजधानी और सबसे बड़ा महानगर है (Capital of Poland). अन्य प्रमुख शहरों में क्राको, लॉड्ज, व्रोकला, पॉज्नान, ग्दान्स्क और स्जेसिन शामिल हैं (Cities in Poland). पोलैंड संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन, नाटो और यूरोपीय संघ का एक सदस्य राज्य है (Poland in World Organizations).
पोलैंड का क्षेत्र उत्तर में बाल्टिक सागर से लेकर दक्षिण में सुडेट्स और कार्पेथियन पर्वत तक फैला हुआ है. देश की सीमा उत्तर पूर्व में लिथुआनिया और रूस, पूर्व में बेलारूस और यूक्रेन, दक्षिण में स्लोवाकिया और चेक गणराज्य और पश्चिम में जर्मनी से लगती है (Poland Geography).
पोलिश धरती पर मानव गतिविधि का इतिहास हजारों साल पुराना है. पहले यहां पश्चिमी पोलन का शासन था, जिसने पोलैंड को इसका नाम दिया. पोलिश राज्य की स्थापना 966 के आसपास हुआ जबकि पोलैंड साम्राज्य की स्थापना 1025 में हुई थी. 1569 में ल्यूबेल्स्की संघ पर हस्ताक्षर करके पोलैंड ने लिथुआनिया के साथ राजनीतिक संगठन बनाया (Polish–Lithuanian Commonwealth). यह 16वीं और 17वीं शताब्दी में यूरोप के सबसे अधिक आबादी वाले देशों में से एक था. पोलैंड ने 3 मई 1791 को यूरोप के पहले आधुनिक संविधान को अपनाया. समृद्ध पोलिश स्वर्ण युग के अंत के साथ, 18वीं शताब्दी के अंत में देश का विभाजन हो गया (Partitions). 1918 में वर्साय की संधि के साथ पोलैंड ने स्वतंत्रता प्राप्त की (Poland Independence). सितंबर 1939 में, जर्मनी द्वारा पोलैंड पर आक्रमण के साथ द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ (Second World War). इसके बाद सोवियत संघ ने मोलोटोव-रिबेंट्रोप संधि के तहत पोलैंड पर आक्रमण किया. युद्ध के दौरान देश के तीन मिलियन यहूदियों सहित लगभग छह मिलियन पोलिश नागरिक मारे गए (Poland History).
पोलैंड एक विकसित बाजार है. यह यूरोपीय संघ में जीडीपी के हिसाब से छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. यह उच्च जीवन स्तर, सुरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ-साथ मुफ्त विश्वविद्यालय शिक्षा और एक सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली प्रदान करता है (Poland Economy). देश में 17 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं, जिनमें से 15 सांस्कृतिक हैं.
पोलिश सशस्त्र बल पांच शाखाओं से बना है. सेना पोलैंड गणराज्य के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के अधीन है. शांतिकाल में इसका कमांडर-इन-चीफ गणतंत्र का राष्ट्रपति होता है. 2018 तक, पोलिश सशस्त्र बलों की कुल संख्या 144,142 सैनिकों की है. पोलैंड अपने सकल घरेलू उत्पाद का 2% रक्षा पर खर्च करता है (Poland Army).
पोलैंड में पोलिश एकमात्र आधिकारिक और प्रमुख बोली जाने वाली भाषा है. यह यूरोपीय संघ की आधिकारिक भाषाओं में से एक है (Poland Language).
2015 की जनगणना के अनुसार, सभी पोलिश नागरिकों में से 92.9% रोमन कैथोलिक चर्च का पालन करते हैं. यहां की लगभग 94.2% आबादी आस्तिक हैं और 3.1% अधार्मिक हैं (Poland Religion)
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने पूछा कि यदि भविष्य में रूस हमला करने की कोशिश करे तो उस स्थिति में क्या प्रतिक्रिया दी जाएगी? क्या अमेरिका यूरोप का साथ देगा?
विश्लेषकों का मानना है कि यह लिस्ट अमेरिका और नाटो के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकती है. इस सूची के संभावित प्रभाव भी गंभीर माने जा रहे हैं. इससे ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों में दरार गहराने की आशंका भी जताई जा रही है.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका और ईरान से तनाव कम करने की अपील की है. होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच मैक्रों ने कहा कि मामले को कूटनीति से सुलझाना होगा, सभी पक्षों को शांत रहना चाहिए. वहीं पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि इस टकराव का सबसे ज्यादा फायदा रूस को हो रहा है, खासकर बढ़ती तेल कीमतों के कारण.
पिछले कुछ सालों में सोने के दाम तेजी से बढ़ने की बड़ी वजह चीन और बाकी देशों के केंद्रीय बैंक हैं, जिन्होंने सोने की खूब खरीदारी की है और अब कुछ छोटे देश भी सोना तेजी से खरीद रहे हैं.
दुनिया भर के देश धीरे-धीरे करके सोने का रिजर्व बढ़ा रहे हैं. यूरोप के छोटे से देश ने कुछ महीनों में सबसे ज्यादा सोने की खरीद की है. इसके साथ ही चीन भी तेजी से गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहा है.
यहां काम जिंदगी नहीं, उसका सिर्फ एक हिस्सा है! भारतीय ने बताया पोलैंड का वर्क कल्चर कैसा है. विदेश में नौकरी की बात आते ही अक्सर ध्यान सैलरी पर जाता है, लेकिन पोलैंड में काम कर रहे एक भारतीय प्रोफेशनल ने इस सोच को थोड़ा बदल दिया है. उनका कहना है कि पोलैंड में असली फायदा बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस है. अनिरुद्ध, जो पोलैंड में बैंकिंग सेक्टर में काम करते हैं
ईरान युद्ध को लेकर नाटो देशों में दरार के संकेत दिखने लगे हैं. इटली के बाद अब पोलैंड ने भी अमेरिका का साथ देने से इनकार करते हुए अपने पैट्रियट सिस्टम मिडिल ईस्ट भेजने से मना कर दिया है. पोलैंड ने साफ कहा कि उसकी प्राथमिकता अपनी सुरक्षा और नाटो के पूर्वी मोर्चे की रक्षा है.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग ने पूरी दुनिया के एनर्जी मार्केट को हिलाकर रख दिया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ब्लॉक होने से कच्चा तेल महंगा हो गया है, जिससे पाकिस्तान से लेकर अमेरिका और यूरोप तक पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ और ईंधन की किल्लत देखी जा रही है.
खाने में नमक की जरूरत तो आप जानते हैं लेकिन सोचिए कोई ऐसा शहर हो जो नमक से ही बना हो. जहां की सड़के, दीवारें, मकान सब नमक से गढ़े गए हों. जहां की हवा में और पानी में भी नमक घुला हो. जहां चारों ओर नमक से बनी कलाकृतियां हों. आइए जानते हैं कि आखिर कैसे रहते हैं लोग नमक के इस शहर में?
रूस के पड़ोसी पोलैंड के साथ उसकी हाइब्रिड युद्ध की स्थिति बनी हुई है. पोलैंड का कहना है कि रूस कभी भी उस पर हमला कर सकता है. इसी को आधार बनाकर पोलैंड पिछले कुछ दिनों से परमाणु बम की चर्चा करता आया है.
यूक्रेन पर हुए रूसी हमलों के बाद पोलैंड ने अपने दो हवाई अड्डे बंद कर दिए है. रेज़ोव-जसिओन्का हवाई अड्डा और लुब्लिन हवाई अड्डों को एहतियातन बंद किया गया है. सशस्त्र बलों के ऑपरेशनल कमांड ने जानकारी साझा कर बताया कि पोलैंड के हवाई क्षेत्र में सैन्य विमान गतिविधिया शुरु हो गई है, सात हीहवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने को उद्देश्य बताया.
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने मंगलवार को कहा कि पोलैंड दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन और रूसी खुफिया एजेंसियों के बीच संभावित संबंधों के साथ-साथ पोलैंड पर इसके किसी भी प्रभाव की जांच शुरू करेगा. वही भारत का रूस से तेल खरीद रोक को लेकर ट्रंप के दावे पर रूस से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत ने इसकी कोई जानकारी नहीं दी है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिल्ली में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की के साथ बैठक की है. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की मांग की. उन्होंने यूक्रेन युद्ध और रूसी तेल पर टैरिफ के मुद्दे पर भारत को निशाना बनाए जाने को भी अनुचित और अन्यायपूर्ण बताया.
विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर पोलैंड के रुख पर कड़ी आपत्ति जताई है. दिल्ली में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की के साथ हुई बैठक में जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की जरूरत पर जोर दिया
फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया. इसके बाद यूक्रेन से लोगों का पलायन लगातार बढ़ता गया. हालात ऐसे हो गए कि जितने लोग यूक्रेन से बेघर हुए हैं, उनकी संख्या दूसरे विश्व युद्ध के समय पूरे यूरोप में हुए पलायन से भी ज्यादा हो चुकी. लेकिन पलायन कर रहे लोग आखिर किस देश की शरण ले रहे हैं?
अमेरिका की तरफ से 500 फीसदी तक भारी टैरिफ की धमकी के बीच पोलैंड ने भारत का समर्थन किया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर की यूरोपीय नेताओं के साथ मुलाकात के बाद पोलैंड ने भारत द्वारा रूसी तेल आयात कम करने पर संतोष जताया है, जिससे भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव कम होने की उम्मीद है.
यूरोप की आबादी तेजी से घट रही है. स्पेन में 2024 में सिर्फ 3.18 लाख बच्चे पैदा हुए – 1941 के बाद सबसे कम. जन्म दर 1.10 तक गिर गई, जबकि जरूरत 2.1 की है. महिलाएं देर से शादी-बच्चे कर रही हैं, करियर और महंगाई मुख्य कारण है. इटली-पोलैंड भी यही संकट झेल रहे. बुजुर्ग बढ़ रहे, युवा कम – अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ पड़ेगा.
रूस से मिल रही चुनौतियों के बीच पोलैंड ने अपने सैन्य संसाधनों का तेज विस्तार शुरू किया है. अत्याधुनिक हथियारों व रक्षा उपकरणों की खरीद से वह नाटो की फ्रंट लाइन में आ गया है.
रूस-यूक्रेन जंग के बीच पूरा यूरोप डिफेंस के लिए नई-नई तरकीबें आजमा रहा है. कभी पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है, तो कभी NATO की तर्ज पर यूरोपीय सेना बनाई जा रही है. रूस से सटी सीमा की वजह से फिनलैंड और पोलैंड इसे लेकर ज्यादा सतर्क हैं. अब वे अपने सीमाओं को दलदली बनाने की कोशिश में हैं, जिन्हें काफी मेहनत से दशकों पहले सुखाया गया था.
रूस और पोलैंड की सीमा पर अचानक बढ़ी हलचल ने पूरी दुनिया की नज़रें आकर्षित कर दी है. हाल ही में, ट्रंप ने NATO देशों से सैनिक वापस बुलाने का आदेश दिया है, और यूक्रेन में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर रोक लगा दी गई है. इस बीच, रूस ने NATO पर कठोर हमले की धमकी दी है, जिससे सुरक्षा स्थिति तनावपूर्ण हो गई है.
रूस-यूक्रेन युद्ध महायुद्ध में बदलने की कगार पर है, जिसमें पोलैंड ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक सीधी धमकी दी है. पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने कहा है, 'अगर रूसी राष्ट्रपति उनके क्षेत्र से उड़ान भरने की हिम्मत करते हैं तो पोलैंड उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता.'