'फ्रांस पर माइग्रेंट्स का कब्जा, बॉर्डर...', अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप मैक्रों को फिर चेताया

डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में जारी विरोध, दंगों और पुलिस से झड़पों के बीच कहा कि माइग्रेंट्स ने देश पर कब्जा कर लिया है और सीमाएं तुरंत बंद की जानी चाहिए. उनका बयान ऐसे समय आया है, जब कई शहरों में कर्फ्यू लगा है और सरकार कारोबारों की सुरक्षा तथा हिंसा पर काबू पाने के लिए कदम उठा रही है.

Advertisement
राष्ट्रपति ट्रंप अक्सर फ्रांस को लेकर दावे करते रहते हैं. (Reuters File Photo) राष्ट्रपति ट्रंप अक्सर फ्रांस को लेकर दावे करते रहते हैं. (Reuters File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:13 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच वहां की सरकार से अपनी सीमाएं तुरंत बंद करने की सलाह दी है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा, "माइग्रेंट्स ने फ्रांस पर कब्जा कर लिया है. उन्हें जल्दी से बॉर्डर बंद करने चाहिए." फ्रांस में महंगाई, घरों के बढ़ते किराये और जीवनयापन के खर्च को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के दौरान कई जगह हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं सामने आई हैं.

Advertisement

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकॉर्नू ने कहा है कि उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों से कुछ शहरों में आंशिक और स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू लगाने को कहा है. इसका मकसद कारोबार और दुकानों को हिंसा से बचाना है. प्रदर्शनों के दौरान कई इलाकों में हाल के वर्षों की सबसे गंभीर सड़क हिंसा देखने को मिली. प्रधानमंत्री ने सोमवार को इंटरमिनिस्टीरियल क्राइसिस सेंटर की बैठक भी बुलाई है.

यह भी पढ़ें: फ्रांस में हिंसा के बीच राष्ट्रपति मैक्रों ने ठुकराया गृह मंत्री का इस्तीफा, कहा- ये लूटपाट खत्म करो

हिंसा के दौरान हजारों लोग गिरफ्तार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों में करीब 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया. करीब 1,000 पुलिसकर्मी और सुरक्षा कर्मी घायल हुए. देश के कई हिस्सों में दुकानों में लूटपाट और आगजनी की घटनाएं हुईं. रविवार को भी गिरफ्तारियों और लूटपाट की खबरें सामने आईं.

Advertisement

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सुरक्षा व्यवस्था में खामियों को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि हालात का अनुमान लगाने और खुफिया जानकारी जुटाने में नाकामी रही. हालांकि, उन्होंने गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज को पद से हटाने की मांग खारिज कर दी. गृह मंत्री ने भी माना कि हिंसा के दौरान पुलिस का नियंत्रण कमजोर पड़ा.

24 और 31 अक्टूबर को फिर प्रदर्शन का ऐलान

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनों के पीछे सक्रिय समन्वय समूह ने सोमवार को आंदोलन के दूसरे चरण का ऐलान किया. इसके तहत 24 और 31 अक्टूबर को प्रदर्शन किए जाएंगे. फ्रांस के अलावा इटली, पुर्तगाल और स्पेन में भी घरों और रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ते खर्च के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं.

यूरोपीय संघ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन किया

यूरोपीय संघ ने फ्रांस में आगजनी, लूटपाट और लोगों व सार्वजनिक इमारतों पर हमलों को अस्वीकार्य बताया. हालांकि, EU ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को हिंसा करने वालों के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए.

यह भी पढ़ें: हिंसा, आगजनी और अराजकता... फ्रांस में प्रोटेस्ट के नाम पर ये क्या हो रहा? तस्वीरो में देखिए

यूरोपीय आयोग सोशल मीडिया और वीडियो साझा करने वाले प्लेटफॉर्म पर भी नजर रख रहा है. आयोग ने कहा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को हिंसा भड़काने या अपराध से जुड़ी सामग्री की जानकारी मिलने पर संबंधित राष्ट्रीय अधिकारियों को सूचित करना चाहिए. आयोग ने फ्रांस के अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर मदद देने की बात भी कही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »