'ट्रंप-पुतिन से तंग आ गया...', ब्रिटिश PM स्टार्मर का विस्फोटक बयान

ईरान जंग और तेल संकट के बीच ब्रिटेन के पीएम किएर स्टार्मर ने ट्रंप और पुतिन को लेकर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि उनके फैसलों की वजह से आम लोगों के बिजली और गैस बिल लगातार बढ़ रहे हैं. स्टार्मर ने इसे ब्रिटेन के लिए "टर्निंग पॉइंट" बताते हुए नई आर्थिक और सुरक्षा रणनीति बनाने की बात कही.

Advertisement
किएर स्टार्मर ईंधन की बढ़ती कीमतों पर नाराजगी जाहिर की है.  (Photo: Getty) किएर स्टार्मर ईंधन की बढ़ती कीमतों पर नाराजगी जाहिर की है. (Photo: Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:23 PM IST

ईरान जंग और वैश्विक तेल संकट के बीच अब ब्रिटेन की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने साफ शब्दों में कहा है कि वह अमेरिका और रूस की नीतियों से तंग आ चुके हैं. उनका कहना है कि इन देशों के फैसलों का सीधा असर ब्रिटेन के आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है.

एक इंटरव्यू में स्टार्मर ने अपनी झुंझलाहट जाहिर करते हुए कहा, "मैं इस बात से परेशान हो चुका हूं कि देशभर के परिवारों और कारोबारियों के ऊर्जा बिल ऊपर-नीचे होते रहते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि दुनिया के किसी कोने में पुतिन या ट्रंप क्या फैसला लेते हैं." उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान जंग के कारण तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: ईरान ने अमेरिका को बना दिया पंगु! 40 दिन की जंग में अरब मुल्कों में एक दर्जन बेस तबाह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव, और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों ने पहले ही वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर रखा है. 2022 से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध ने दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों को प्रभावित किया. अब ईरान जंग ने इस संकट को और गहरा कर दिया है.

व्हाइट हाउस ने ट्रंप का किया बचाव

व्हाइट हाउस ने ट्रंप के फैसलों का बचाव किया है. व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा, "कई विश्व नेता दशकों से ईरान के खतरे की बात करते रहे, लेकिन कुछ नहीं किया. राष्ट्रपति ट्रंप ने साहसिक कदम उठाया है ताकि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके."

Advertisement

इसी बीच, स्टार्मर ने इजरायल की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि सीजफायर के दौरान लेबनान पर हमला करना "गलत" है. ईरान पहले ही अमेरिका पर सीजफायर के उल्लंघन का आरोप लगा चुका है, जिसमें लेबनान पर हमले को एक बड़ा कारण बताया.

ईंधन सप्लाई प्रभावित होने से बढ़ रही महंगाई

ब्रिटेन के लिए यह संकट सिर्फ विदेश नीति का मुद्दा नहीं, बल्कि घरेलू अर्थव्यवस्था का भी बड़ा सवाल बन गया है. ईंधन की कीमतें बढ़ने से महंगाई का दबाव बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसका असर आम लोगों की जिंदगी पर और गहरा हो सकता है.

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान का मिशन इम्पॉसिबल... अगर ईरान सीजफायर पर बातचीत फेल हुई तो PAK का क्या होगा?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने इस पूरे हालात को देश के लिए एक "टर्निंग पॉइंट" बताया. उन्होंने कहा, "पिछले दो दशकों से ब्रिटेन लगातार संकटों का सामना कर रहा है. 2008 की आर्थिक मंदी, ब्रेक्सिट, कोविड महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध. अब ईरान जंग को एक नई शुरुआत की तरह देखना होगा."

किएर स्टार्मर ने आगे कहा कि ब्रिटेन को अब एक नई राह बनानी होगी, जिसमें ऊर्जा, रक्षा और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत किया जाए. ब्रिटिश पीएम का कहना है, "हमें 2008 की दुनिया में लौटने की उम्मीद छोड़कर एक नया रास्ता बनाना होगा, जो हमें इस अस्थिर और खतरनाक दौर में मजबूत बनाए."

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement