पाकिस्तान शुक्रवार 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, वहीं बलोचिस्तान इसे ब्लैक डे के रूप में सेलिब्रेट कर रहा है. बलोच नेता मीर यार बलोच ने दुनिया भर के बलोच लोगों से अपील की है कि वे पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस यानी 14 अगस्त को 'ब्लैक डे' के तौर पर मनाएं.
इस बीच, बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक ऑपरेशन का फुटेज जारी किया है. उसका दावा है कि यह ऑपरेशन 31 जुलाई 2026 को किया गया था, जिसमें पाकिस्तानी सेना के दो अहम कैंपों और उनसे जुड़ी चौकियों और चेकपॉइंट्स को निशाना बनाया गया था.
बीएलए का कहना है कि यह कार्रवाई क्वेटा कैंटोनमेंट से करीब 10 किलोमीटर दूर वली तंगी और स्पिन करेज इलाकों में स्थित सैन्य ठिकानों पर की गई थी.
बलोचिस्तान 11 अगस्त को मनाता है स्वतंत्रता दिवस
बता दें कि हर साल 11 अगस्त को दुनिया के कई हिस्सों में रहने वाला बलोच समुदाय और बलोच राष्ट्रवादी संगठन 'बलोचिस्तान स्वतंत्रता दिवस' मनाते हैं. दूसरी ओर पाकिस्तान 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है. आज का बलोचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा है, फिर भी वहां के कई संगठन 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं.
बलोचिस्तान का विवाद प्राकृतिक संसाधनों, राजनीतिक अधिकारों, विकास और स्वायत्तता को लेकर है. इन मुद्दों पर आज भी मतभेद बने हुए हैं. इसी वजह से हर साल 11 अगस्त को कई बलोच राष्ट्रवादी संगठन 'बलोचिस्तान स्वतंत्रता दिवस' मनाते हैं. वहीं, पाकिस्तान इस दावे को स्वीकार नहीं करता और बलोचिस्तान को अपना अभिन्न प्रांत मानता है.
इतिहासकार ताज मोहम्मद ब्रीसीग ने अपनी किताब 'बलोच नेशनलिज्म, इट्स ओरिजिन एंड डेवलपमेंट अप टू 1980' में बताया है कि 11 अगस्त 1947 को कलात रियासत और मुस्लिम लीग के बीच एक समझौता हुआ था.
इस समझौते में कलात की अलग संवैधानिक स्थिति को स्वीकार किया गया. यही वजह है कि कई बलोच राष्ट्रवादी 11 अगस्त को अपनी स्वतंत्र पहचान की शुरुआत मानते हैं.
इतिहासकारों के अनुसार, भारत-पाकिस्तान के विभाजन के समय खान मीर अहमद यार खान ने कलात को एक स्वतंत्र राज्य घोषित किया था. वहीं, बलोच राष्ट्रवादी दावा करते हैं कि कलात कुछ समय तक आजाद रहा. कई ऐतिहासिक स्रोतों के मुताबिक, यह अवधि करीब 227 दिनों की थी.
सुबोध कुमार