यहूदी-इजरायल से करता है नफरत, इस मुस्लिम नेता ने जीती उम्मीदवारी तो ट्रंप ने बताया 'दिलजले'

मिशिगन में डेमोक्रेटिक पार्टी की सीनेट उम्मीदवारी जीतने वाले अब्दुल अल-सईद पर डोनाल्ड ट्रंप ने तीखा हमला बोला है. ट्रंप ने उन पर यहूदियों और इजरायल से नफरत करने का आरोप लगाया और उन्हें कम्युनिस्ट तक बताया.

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अब्दुल अलसईद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (Photo- ITG) अब्दुल अलसईद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:29 AM IST

अमेरिका में 2026 के मिडटर्म चुनाव से पहले डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर प्रोग्रेसिव खेमे की बड़ी जीत के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. मिशिगन में अब्दुल अल-सईद ने डेमोक्रेटिक पार्टी की सीनेट उम्मीदवारी जीत ली है. इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन पर बेहद तीखा हमला बोला और उन पर यहूदियों और इजरायल से नफरत करने का आरोप लगाया. उन्होंने सईद को 'दिलजले' तक कह दिया.

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लास वेगास में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि पिछले चुनाव में पोल गलत साबित हुए और जिस उम्मीदवार को बड़ी जीत की उम्मीद थी, उसकी जीत काफी करीबी रही. इसके बाद उन्होंने अब्दुल अल-सईद पर निशाना साधते हुए कहा कि वह यहूदियों और इजरायल से नफरत करते हैं. ट्रंप ने उन्हें 'मैन ऑफ हेट' बताते हुए कहा कि उनके 'दिल में यहूदियों के लिए नफरत की आग' है.

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राष्ट ट्रंप का कहना था कि अल सईद इजरायल से 'इतनी नफरत करते हैं कि उसका दिल जलता रहता है, और वह इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता.' ट्रंप ने आगे अब्दुल पर तंज कसते हुए आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया.

अल-सईद डेमोक्रेट पार्टी के होंगे सीनेट उम्मीदवार

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राष्ट्रपति ट्रंप ने अब्दुल अल-सईद को कम्युनिस्ट और सोशलिस्ट विचारधारा से जोड़ते हुए भी हमला किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका को ऐसी विचारधारा से बचाने की जरूरत है और दावा किया कि नवंबर के चुनाव में अब्दुल अल-सईद को रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स हरा देंगे. अल-सईद ने मिशिगन की डेमोक्रेटिक प्राइमरी में हेली स्टीवंस को बेहद करीबी मुकाबले में हराया है और अब नवंबर में रोजर्स के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे.

कौन हैं अब्दुल अल-सईद?

अब्दुल अल-सईद की राजनीति में स्वास्थ्य सेवा सुधार, 'मेडिकेयर फॉर ऑल', महंगाई और कॉरपोरेट प्रभाव कम करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं. वह अमेरिका की इजरायल नीति की भी आलोचना करते रहे हैं और बिना शर्त अमेरिकी सैन्य सहायता खत्म करने की मांग कर चुके हैं. वह मिस्र के इमिग्रेंट्स के बेटे हैं. उनके पिता, मोहम्मद, मिस्र से आकर बसे थे.

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हालांकि यहूदी-विरोधी होने के आरोपों को वह खारिज करते हैं. जीत के बाद उन्होंने कहा कि वह यहूदी समुदाय की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और हर तरह के यहूदी-विरोधी रवैये और इस्लामोफोबिया के खिलाफ खड़े हैं.

जोहरान ममदानी ने अल-सईद की जीत पर क्या कहा?

इस बीच न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने अल-सईद की जीत का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि अल-सईद ने कामकाजी अमेरिकियों, स्वास्थ्य सेवा और जीवन-यापन की लागत जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ा है. ममदानी ने उन्हें 'मिनी ममदानी' कहे जाने पर भी असहमति जताई और कहा कि अल-सईद ने अपनी पहचान खुद बनाई है. उन्होंने औपचारिक समर्थन का ऐलान नहीं किया, लेकिन उनकी जीत को प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक राजनीति के लिए अहम बताया.

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अब नवंबर में होने वाला मिशिगन सीनेट चुनाव डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स के लिए बेहद अहम होगा. अल-सईद की जीत ने डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव धड़े को मजबूती दी है, जबकि ट्रंप और रिपब्लिकन्स उन्हें इजरायल और यहूदियों के खिलाफ बताकर निशाना बना रहे हैं.

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