रोजाना 3-4 घंटे सफर और लंबा जाम... SIR ड्यूटी से हटना चाहते हैं पूर्व जस्टिस

पूर्व जस्टिस जस्टिस इंद्रजीत चटर्जी इन दिनों मुर्शिदाबाद अपील ट्रिब्यूनल के प्रभारी के तौर पर काम कर रहे हैं. चटर्जी ने रोजाना लंबी और थकाने वाली यात्रा के कारण अब अपने इस पद से हटने की इच्छा जताई है. उन्होंने मुख्य न्यायाधीश और राज्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर अपील की है कि या तो उन्हें वर्क फ्रॉम होम दे दिया जाए या उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया जाए.

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पूर्व जस्टिस ने वर्क फ्रॉम होम का ऑप्शन भी मांगा है. (Photo- ITGD) पूर्व जस्टिस ने वर्क फ्रॉम होम का ऑप्शन भी मांगा है. (Photo- ITGD)

अनुपम मिश्रा

  • कोलकाता,
  • 01 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:11 PM IST

कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस और मुर्शिदाबाद जिले के अपील ट्रिब्यूनल के प्रभारी जस्टिस इंद्रजीत चटर्जी ने अपने पद से हटने की इच्छा जताई है. SIR का काम कर रहे चटर्जी ने रोजाना तय की जाने वाली लंबी और थकाने वाली यात्रा के कारण अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होने का अनुरोध किया है. 

हाल ही में पूर्व जस्टिस इंद्रजीत चटर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और राज्य चुनाव आयुक्त नीलम मीना को एक पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने आगामी 2 नवंबर, 2026 से अपनी इस भूमिका से हटने की इच्छा जताई है.

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फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी बढ़ती उम्र और रोजाना के सफर में आने वाली भारी दिक्कतों का खुलकर जिक्र किया. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि अगर प्रशासन उनके लिए 'वर्क-फ्रॉम-होम' का इंतजाम कर दे, तो वो अपना काम जारी रखने के लिए तैयार हैं.

आने-जाने में रोजाना बर्बाद हो रहे 3-4 घंटे

पूर्व जस्टिस ने बताया कि वो साल्ट लेक में रहते हैं और उन्हें हर दिन अपने घर से जोका स्थित दफ्तर तक आना-जाना पड़ता है. एक तरफ की दूरी लगभग 27 किलोमीटर है और आने-जाने में रोजाना करीब 60 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है. रास्ते में भीषण ट्रैफिक जाम की वजह से रोज आने-जाने में तीन से चार घंटे बर्बाद हो जाते हैं. इतनी लंबी और थकाने वाली यात्रा अब उनकी शारीरिक क्षमता से बाहर हो रही है.

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गाड़ी और सुरक्षा खर्च का दिया हवाला

चटर्जी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सरकार उनकी गाड़ी और पायलट कार जैसी सुरक्षा व्यवस्था पर काफी पैसा खर्च कर रही है. लेकिन सड़क की मौजूदा स्थिति और जाम के कारण हर दिन इतना लंबा सफर करना अब मुमकिन नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार या चुनाव आयोग उनके लिए घर से ही काम करने की कोई यवस्था कर सके, तो वो ट्रिब्यूनल का काम आगे भी जारी रखने के लिए तैयार हैं.

ट्रिब्यूनल के कामकाज पर पड़ेगा असर

बता दें कि फिलहाल रिटायर्ड जस्टिस चटर्जी मुर्शिदाबाद जिले के लिए नंबर 11 SIR ट्रिब्यूनल के प्रमुख के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इस जिले में सात लाख से ज्यादा आवेदक हैं, जिनमें से अब तक सिर्फ एक हजार से कुछ ज्यादा मामलों का ही निपटारा हो सका है. इस देरी और पूरी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस नेता अधीर चौधरी पहले ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं.

यह भी पढ़ें: कर्नाटक में SIR पर आर-पार, धरने पर बैठे डीके शिवकुमार, बोले- BJP विधायक अभय पाटिल ने खुद मानी गलती

बता दें कि इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टी.एस. शिवग्ननम ने भी अपनी पत्नी की खराब सेहत का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. ऐसे में, अगर चटर्जी इस पद से हट जाते हैं, तो ट्रिब्यूनल में पडे़ मामलों के निपटारे की धीमी रफ्तार और ज्यादा प्रभावित हो सकती है.

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