Kal ka Mausam 15 August: यूपी में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और कल 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 15 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इसके साथ ही दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है.
खास बात यह है कि 15 अगस्त को भारी बारिश की अधिक संभावना वाले 19 जिले सामने आए हैं. इनमें बुंदेलखंड, प्रयागराज-मिर्जापुर क्षेत्र, पश्चिमी यूपी और तराई के कई जिले शामिल हैं. ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के बीच बारिश का असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है.
15 अगस्त को कहां-कहां होगी भारी बारिश
मौसम विभाग के 15 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 16 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक के पूर्वानुमान के मुताबिक भारी बारिश की संभावना वाले 19 जिले ये हैं : बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, महोबा और ललितपुर. यानी 15 अगस्त को बारिश का असर सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा. बुंदेलखंड से लेकर पश्चिमी यूपी और तराई तक कई इलाकों में बारिश देखने को मिल सकती है.
स्वतंत्रता दिवस पर कहां ज्यादा असर
15 अगस्त के मौसम को मोटे तौर पर देखें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का दायरा ज्यादा व्यापक रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी के अनेक स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. यानी पूरे प्रदेश में एक जैसा मौसम नहीं रहेगा. कहीं तेज बारिश हो सकती है तो कहीं मौसम सामान्य रहते हुए अचानक बारिश का दौर शुरू हो सकता है. बारिश के साथ सबसे ज्यादा सावधानी गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर बरतनी होगी.
मौसम विभाग ने 15 अगस्त के लिए कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना अधिक बताई है. इसमें बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर समेत कई जिले शामिल हैं. पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा समेत कई इलाकों में भी गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. इसलिए बारिश हल्की होने पर भी खुले मैदान, खेत, पेड़ या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी होगा.
यूपी में क्यों सक्रिय हुआ मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र आगे बढ़ रहा है. इसके साथ ही मानसूनी द्रोणी की स्थिति में बदलाव और क्षेत्रीय मानसूनी गतिविधि मजबूत होने के कारण उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं. IMD के अनुसार 13 से 18 अगस्त के बीच प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. यही वजह है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला देखने को मिल सकता है.
प्रयागराज-मिर्जापुर और बुंदेलखंड में भी नजर
15 अगस्त के पूर्वानुमान में प्रयागराज, सोनभद्र और मिर्जापुर के साथ बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, महोबा और ललितपुर जैसे जिले भी भारी बारिश की संभावित सूची में हैं. इसका मतलब है कि पूर्वांचल और बुंदेलखंड दोनों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है. प्रयागराज और आसपास के जिलों में पहले से ही मानसूनी गतिविधि बनी हुई है. वहीं बुंदेलखंड के कुछ जिलों में बारिश का दौर अचानक तेज हो सकता है. ऐसे में नदी-नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी. पश्चिमी यूपी में भी बारिश का जोर रहेगा. सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं जैसे पश्चिमी और तराई से जुड़े जिलों को भी 15 अगस्त के भारी बारिश वाले पूर्वानुमान में शामिल किया गया है. यानी बारिश का फोकस सिर्फ पूर्वी यूपी तक सीमित नहीं है. पश्चिमी यूपी में भी कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है.
बारिश में इन बातों का रखें ध्यान
मौसम विभाग ने भारी बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. निचले इलाकों में जलभराव वाले स्थानों से दूर रहना चाहिए. मौसमी नदियों और नालों के पास जाने से बचना चाहिए. अगर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका हो तो खुले मैदान में न रहें और पेड़ के नीचे शरण लेने से बचें. मौसम विभाग ने सुरक्षित और पक्के स्थान पर रहने की सलाह दी है. भारी बारिश के दौरान वाहन चलाने वालों को भी विशेष सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि सड़क पर फिसलन और दृश्यता कम होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है.
किसानों के लिए भी जरूरी है मौसम का अपडेट
बारिश का असर खेती पर भी पड़ सकता है. मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान की आशंका जताई है. गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल और सब्जियों समेत कई फसलों के लिए अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है. किसानों को भारी बारिश के दौरान खेतों में अनावश्यक काम करने से बचने और जल निकासी की व्यवस्था पहले से करने की सलाह दी गई है.
तापमान में भी आएगी गिरावट
मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ उत्तर प्रदेश में अगले पांच दिनों के दौरान तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट की संभावना भी मौसम विभाग ने जताई है. इससे बारिश वाले इलाकों में उमस और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है. हालांकि बारिश के बीच धूप निकलने पर उमस दोबारा बढ़ सकती है.
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